मिनी सचिवालय के नाम पर लाखो रुपये गबन करने के बाद आखिर क्यों जर्जर कर दिया गया


मिनी सचिवालय के नाम पर लाखो रुपये गबन करने के बाद आखिर क्यों जर्जर कर दिया गया

आखिर क्यों की गई मिनी सचिवालय की सामग्री से स्कूल में व्यवस्था

विकासखंड बिजुआ। ग्राम पंचायत सोन पीपर के सचिव तौसीफ अहमद ने ग्राम पंचायत की निधि से लगभग एक लाख चौवालीस हजार पांच सौ (144500) रुपये की धनराशि तो निकाल ली लेकिन इस धन से न तो कंप्यूटर ही खरीदा और न ही फर्नीचर। और जो भी खरीदा गया मिनी सचिवालय के नाम पर वो गांव के प्राथमिक विद्यालय मनहरिया में रखा मिला जब नही थी रखने की व्यवस्था तो फिर सरकारी धन को बाबा जी का प्रसाद समझ के उड़ा रहे है कि बाद में मिलेगा नही सचिव तौसीफ अहमद को जानकारी होनी चाहिए कि गृहस्थी बसाने से पहले घर की व्यवस्था करनी पड़ती है विद्यालय आखिर क्यों डीपीआरओ ने सचिव को नोटिस देकर स्पष्टीकरण नही मांगा ।पंचायती राज विभाग के अधिकारी सवालो के घेरे में है

आखिर क्यों विद्यालयों में कमरो की दिक्कत के बाद भी शिक्षा विभाग ने अपना एक कक्ष पंचायत को दे दिया
शासन से ग्राम पंचायतों में होने वाले सभी विकास कार्यों के भुगतान की व्यवस्था मिनी सचिवालय के माध्यम से लागू कर दी है। इसके लिए पंचायत भवन के लिए कंप्यूटर, प्रिंटर व फर्नीचर और सोलर इन्वर्टर बैटरा खरीदा जाना था। शासन से इसके लिए 1,44,500 रुपये की धनराशि भी दी। ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त आयोग के तहत मिलने वाली धनराशि में से यह धन खर्च करके कमीशन खोरी भी खूब की गई। आप देख सकते है...

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