[embed]https://www.youtube.com/watch?v=5RJfGDC0sxw[/embed]
। बिजनौर से मनीष उपाध्याय की विशेष रिपोर्ट। बिजनौर: जनपद बिजनौर की नगीना तहसील के विकास खंड कोतवाली की ग्राम पंचायत उग्रसेनपुर लाल वाला में श्रेणी 2 के पट्टे कीकृषि भूमि को कमर्शियल भूमि में परिवर्तन किये जाने के लिए बिना परमिशन के अवैध अवैध भराव किया जा रहा है । आपको बता दें की नगीना में ग्राम काला खेड़ी की मेन रोड पर ग्राम उग्रसेनपुर और लालवाला के पूर्व प्रधान रमेश रागी के नाम मौजा चतरभोजपुर में श्रेणी 2 के 0. 320 हेक्टेयरकृषि भूमि पट्टे की जमीन है । जिसका पट्टा वर्ष 2000 में जिला अधिकारी बिजनौर द्वारा किया गया था । जो आज तक भी श्रेणी एक में परिवर्तित नहीं किया गया है।जिस पर ग्राम प्रधान द्वारा बिना परमिशन के भराव करा कर भूमि को कमर्शियल रूप में बदलने की तैयारी चल रही है। आम जनता का कहना है कि उक्त भूमि करीब 3 करोड़ रुपए मूल्य की बेशकीमती जमीन है। इस भूमि पर ग्राम प्रधान द्वारा बिना परमिशन के प्लाटिंग कर बेचने व कॉलोनी काटे जाने की योजना है । जबकि यह भूमि आज भी राजस्व रिकॉर्ड में ग्राम पंचायत चकबंदी क्षेत्र में दर्ज है। इस संबन्ध में पट्टा धारक पूर्व प्रधान नरेश रागी का कहना है कि उनके द्वारा कुछ भी गलत कार्य नहीं किया जा रहा है । राजस्व अधिकारी मौके का मुआयना कर जांच कर चुके हैं । यदि किसी को कोई शिकायत हो तो डीएम बिजनौर अथवा एसडीएम नगीना से कर सकते हैं। उधर एसडीएम नगीना का कहना है कि नियमानुसार किसी भी श्रेणी के पट्टे की जमीन का कमर्शियल यूज नहीं किया जा सकता है ।इस जमीन का पट्टा वर्ष 2000 में किया गया था परंतु आज 22 वर्षों के बाद भी इस जमीन की श्रेणी नहीं बदली है। उनका यह भी कहना है कि यह दलित की भूमि है और दलित की भूमि की बिक्री डीएम साहब की अनुमति के बिना नहीं की जा सकती है। उधर जब तहसीलदार नगीना से फोन पर जानकारी करनी चाहिए तो तहसीलदार नगीना ने यह कहकर कि आपको जो भी जानकारी चाहिए वह उपजिलाधिकारी नगीना से ले सकते हैं किसी भी अन्य जानकारी देने से इनकार कर दिया है। इस प्रकरण में अनेकों सवाल पूछ रहे हैं जैसे कि 22 वर्षों के अंतराल में भीश्रेणी दो के पट्टे श्रेणी क्यों नहीं बदली है ? यदि है भूमि आज तक राजस्व अभिलेखों में ग्राम पंचायत चकबंदी क्षेत्र में दर्ज है तो इस का पट्टा ग्राम प्रधान के नाम कैसे चला आ रहा है?कहीं यह पट्टा अवैध तो नहीं है? यदि यह भूमि दलित के नाम है तो क्या डीएम महोदय द्वारा इस जमीन की बिक्री के संबंध में आदेश पारित किए गए हैं? इस जमीन का जो मिट्टी डालकर भराव किया जा रहा है वह मिट्टी कहां से आ रही है? एवं क्या उसकी प्रशासन द्वारा परमिशन जारी की गई है ?क्या उपजिलाधिकारी नगीना द्वारा इस भूमि के प्रयोग परिवर्तन की परमिशन दी जा चुकी है ? अथवा नहीं ऐसे अनेकों बिंदु है जो जांच के विषय हैं इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा जांच कर क्या कार्रवाई की जाएगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा। अब तक टीवी न्यूज़ चैनल की टीम इस मामले में पूरी तरह नजर बनाए हुए हैं।
नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए
Facebook,
Instagram,
Twitter
पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे
YouTube
चैनल को भी सब्सक्राइब करें।
Leave a Comment: