अर्जुन रौतेला आगरा। खाद्य सुरक्षा विभाग की सैंपलिंग प्रक्रिया और व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई में सुधार की मांग को लेकर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश (पंजीकृत), महानगर आगरा ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय में एसीएम द्वितीय नीलम तिवारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन मुख्य कार्यकारी अधिकारी, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, नई दिल्ली के नाम संबोधित था।
महानगर अध्यक्ष नरेश पाण्डेय ने कहा कि नमूने लेते समय निर्माता को पक्षकार बनाने पर उसे फॉर्म 5-क पंजीकृत डाक से भेजा जाए। साथ ही, खरीद का बिल प्रस्तुत होने पर ही निर्माता को कार्रवाई में पक्षकार बनाया जाए। उन्होंने राजकीय प्रयोगशालाओं में नमूना प्राप्त होने के 14 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट जारी करने की मांग की।
महानगर कोषाध्यक्ष सुरेश लवानिया ने कहा कि खाद्य पदार्थों को नष्ट करने या जब्त करने की कार्रवाई केंद्रीय प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद की जाए।

प्रदेश संगठन मंत्री कपूर चंद रावत ने कहा कि निर्माता नियमित रूप से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से खाद्य पदार्थों की जांच कराकर रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करते हैं। इसके बावजूद सीलबंद पैकिंग वाले उत्पादों पर कार्रवाई की जाती है। 
व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है, लेकिन कार्रवाई पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि मिलावट पर रोक के साथ ईमानदार व्यापारियों का उत्पीड़न भी रोका जा सके।
इस अवसर पर नरेश पाण्डेय, सुरेश लवानिया, कपूर चंद रावत, संतोष गुप्ता, रामकुमार अग्रवाल, विराग जैन, चंद्र मोहन जैन, कपिल बाजपेई, सुधीर गोयल, वीरेंद्र पिप्पल, राजीव जैन, सोनू अग्रवाल, नसीम खान, मोहम्मद सगीर, अबरार खान, राकेश कश्यप और हर्षित अग्रवाल सहित अनेक व्यापारी मौजूद रहे।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।