*लखनऊ में गोमती का कहर जारी: फैजुल्लागंज के बाद अब गोमती नगर के पॉश इलाकों में घुसा पानी, इकाना स्टेडियम तक जलमग्न*
*लखनऊ:* 40 हजार घरों में 4 से 5 फीट पानी, 10 हजार परिवार 5 दिन से फंसे, CM योगी ने किया हवाई सर्वे, फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा तटबंध
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का लगातार बढ़ता जलस्तर अब खतरे की घंटी बन गया है। पिछले छह-सात दिनों से उफान पर चल रही गोमती ने पहले फैजुल्लागंज, मड़ियांव, घैला, दौलतगंज जैसे निचले इलाकों को अपनी चपेट में लिया और अब उसकी दस्तक गोमती नगर जैसे पॉश इलाकों तक पहुंच गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सिंचाई विभाग द्वारा लखीमपुर और पीलीभीत से छोड़े गए बारिश के पानी के कारण गोमती का जलस्तर अचानक बढ़ा है। इससे सबसे भीषण मार फैजुल्लागंज क्षेत्र पर पड़ी है, जहां करीब 40 हजार घरों में 4 से 5 फीट तक पानी भर चुका है और 10 हजार से ज्यादा परिवार पिछले पांच दिनों से बाढ़ से जूझ रहे हैं।
*अब पॉश इलाके भी चपेट में*
शुरुआत में बाढ़ का असर सिर्फ निचले इलाकों तक था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। बुधवार को गोमती नगर एक्सटेंशन और चक गजरिया क्षेत्र में नदी का पानी तेजी से फैल गया। दक्षिणी लखनऊ में भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और फीनिक्स पलासियो मॉल के आसपास सर्विस लेन और शहीद पथ पूरी तरह जलमग्न हो गया। IIIT लखनऊ के 100 छात्रों को भी एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ा।
*प्रशासन और पुलिस मुस्तैद*
लगातार बिगड़ते हालात के बीच राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। नगर निगम जोन-3 और जोन-6, NDRF और SDRF की टीमें लोहरामऊ, दाउद नगर, मिल्लत नगर, सैथा और फैजुल्लागंज में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। इस आपदा की घड़ी में लखनऊ पुलिस भी पूरी मुस्तैदी के साथ लोगों को सुरक्षित निकालने और ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में जुटी है।
*सरकार-विपक्ष एक साथ*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बख्शी का तालाब और फैजुल्लागंज से नैमिष तक के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को फैजुल्लागंज से नैमिष तक स्थायी तटबंध बनाने की योजना तैयार करने और किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।
*वहीं सरकार के साथ-साथ*
विपक्ष के नेता और कार्यकर्ता भी लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में नावों के जरिए राहत सामग्री, भोजन और पानी पहुंचा रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और निचले इलाकों में रहने वाले लोग तत्काल राहत शिविरों में शिफ्ट हो जाएं।
नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment: