• मां को ट्रेन में बैठाया, लौटे तो बाइक गायब; जीआरपी ने छह घंटे में खोज निकाली
  • आमोद कुमार 
    बांदा। मां को ट्रेन में बैठाकर लौटे यात्री के लिए कुछ पल चिंता में बदल गए, जब स्टेशन के बाहर खड़ी उसकी मोटरसाइकिल अचानक गायब मिली। सूचना मिलते ही जीआरपी बांदा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तलाश शुरू की और महज पांच से छह घंटे के भीतर मोटरसाइकिल बरामद कर यात्री के सुपुर्द कर दी।
    मौदहा क्षेत्र के रागौल निवासी सराफत खां अपनी मां को इंटरसिटी एक्सप्रेस से बांदा भेजने के लिए रागौल रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। उन्होंने प्लेटफार्म नंबर एक के बाहर सर्कुलेटिंग एरिया में अपनी हीरो सुपर स्प्लेंडर बाइक खड़ी की और मां को ट्रेन में बैठाने चले गए। वापस लौटे तो बाइक वहां नहीं थी।
    सराफत ने तत्काल स्टेशन पर मौजूद कर्मचारियों को जानकारी देने के साथ जीआरपी बांदा को भी सूचना दी। प्रभारी निरीक्षक हरिनाथ सिंह ने सूचना मिलते ही क्यूआरटी और स्टेशन पर तैनात पुलिसकर्मियों की टीम गठित कर बाइक की तलाश में लगा दी।जीआरपी टीम ने पतारसी-सुरागरसी और लगातार तलाश के बाद हीरो सुपर स्प्लेंडर यूपी-91एम-4325 को उसी दिन बरामद कर लिया। पहचान सुनिश्चित करने के बाद बाइक को सही-सलामत और चालू हालत में उसके मालिक को सौंप दिया गया।
    बाइक वापस मिलने पर सराफत खां ने जीआरपी बांदा की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए पुलिस टीम का आभार जताया। कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक हरिनाथ सिंह के साथ कांस्टेबल रामकुमार, विकास कुमार, प्रारूप कुमार और पंकज कुमार शामिल रहे।
    घटना ने यह जरूर दिखाया कि सूचना मिलते ही पुलिस की सक्रियता और त्वरित तलाश कई बार शिकायतकर्ता की चिंता को राहत में बदल सकती है।

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