सपा के कद्दावर नेता रामगोविंद चौधरी अब नहीं रहे. 74 साल की उम्र में उन्होंने PGI हॉस्पिटल में अपनी आखिरी सांसें ली. वह 8 बार विधायक रहे थे और मुलायम सिंह की सरकार में मंत्री भी रहे थे.


  • समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी का निधन हो गया है. वह 74 साल के थे. कुछ दिन पहले ही सपा के मुखिया अखिलेश यादव रामगोविंद चौधरी से मिलने PGI हॉस्पिटल पहुंचे थे, तब उन्होंने आखिरी इच्छा यही जताई थी कि अपने नेता को मुख्यमंत्री बनाना है. उनके निधन से समाजवादी पार्टी समेत पूरे प्रदेश में शोक की लहर है. अखिलेश यादव और शिवपाल यादव समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है.
  •  
  • अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है, ‘समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री राम गोविंद चौधरी जी का निधन, अत्यंत दुःखद!ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें. शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो. भावपूर्ण श्रद्धांजलि’.
  • https://x.com/yadavakhilesh/status/2103529141517893939?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2103529141517893939%7Ctwgr%5Ed07ac046de3dedca905d2ca366730d4c339cd3a8%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.tv9hindi.com%2Findia%2Fsamajwadi-party-leader-and-former-lop-ram-govind-chaudhary-passes-away-at-pgi-hospital-3917072.html
  • इसी तरह शिवपाल सिंह यादव ने अपने पोस्ट में लिखा है, ‘समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री श्री राम गोविंद चौधरी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों एवं समर्थकों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें’.
  • https://x.com/shivpalsinghyad/status/2103532650111877516?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2103532650111877516%7Ctwgr%5Ed07ac046de3dedca905d2ca366730d4c339cd3a8%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.tv9hindi.com%2Findia%2Fsamajwadi-party-leader-and-former-lop-ram-govind-chaudhary-passes-away-at-pgi-hospital-3917072.html
  • प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी उनके निधन पर शोक जताया है और लिखा है, ‘उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मंत्री श्री राम गोविंद चौधरी जी के निधन की खबर अत्यंत दुखद है. मैं भगवान श्री राम जी से प्रार्थना करता हूँ कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें’.
  • https://x.com/kpmaurya1/status/2103536660407632332?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2103536660407632332%7Ctwgr%5Ed07ac046de3dedca905d2ca366730d4c339cd3a8%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.tv9hindi.com%2Findia%2Fsamajwadi-party-leader-and-former-lop-ram-govind-chaudhary-passes-away-at-pgi-hospital-3917072.html
  • छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत
  • रामगोविंद चौधरी ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी. उसके बाद उन्होंने कई दशकों तक विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया. वो एक-दो बार नहीं बल्कि 8 बार विधायक रहे और साल 2017 में यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी बने थे. विधानसभा के आधिकारिक रिकार्ड में उनके 8 कार्यकाल का जिक्र है.
  • ग्रेजुएशन के बाद LLB की डिग्री
  • 7 सितंबर 1953 को बलिया के गोसाईपुर गांव में जन्मे रामगोविंद चौधरी ने ग्रेजुएशन के बाद एलएलबी की डिग्री भी हासिल की थी. उनकी ये शैक्षणिक योग्यता यूपी विधानसभा के रिकॉर्ड में दर्ज है. राजनीति में आने से पहले वह छात्र राजनीति में काफी सक्रिय थे. दिलचस्प बात ये है कि जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में भी वह काफी सक्रिय थे और आपातकाल के दौरान वह जेल भी गए थे.
  • 1977 में पहली बार बने थे विधायक
  • राम गोविंद चौधरी ने साल 1977 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता था और विधायक बने थे. उन्होंने यह जीत चिलकहर विधानसभा क्षेत्र से मिली थी. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. साल 1980, 1985 और 1989 में भी वह जीते थे. वह मुलायम सिंह यादव की सरकार में मंत्री भी रहे थे.

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।