जौनपुर।* मड़ियाहूं नगर की बेटी जारा फारूकी ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर आसमान की ऊंचाइयों को छूकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अमेरिका के


*जौनपुर की बेटी ने अमेरिका के आसमान में रचा इतिहास, बनीं पायलट*

*300 घंटे की सफल फ्लाइंग पूरी कर जारा फारूकी ने हासिल किया पायलट बनने का गौरव*

*15 माह के कठिन प्रशिक्षण के बाद घर पहुंचीं तो नगरवासियों ने किया भव्य स्वागत, बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा*

*जौनपुर।* मड़ियाहूं नगर की बेटी जारा फारूकी ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर आसमान की ऊंचाइयों को छूकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अमेरिका के कैलिफोर्निया में करीब 15 माह के फ्लाइंग प्रशिक्षण के बाद सामिया ने 300 घंटे की सफल उड़ान पूरी कर पायलट बनने का गौरव हासिल किया है। उन्हें मड़ियाहूं नगर की पहली महिला पायलट बताया जा रहा है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ ही नगर और क्षेत्र में खुशी की लहर है।

                 पायलट बनकर घर पहुंचीं जारा फारूकी का परिजनों, ग्रामीणों, शुभचिंतकों और नगरवासियों ने गर्मजोशी के साथ भव्य स्वागत किया। इस दौरान लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सामिया की सफलता को क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि माना जा रहा है।

बचपन में देखा सपना, मेहनत से किया साकार

जारा फारूकी ने बताया कि बचपन में माता-पिता के साथ हवाई यात्रा के दौरान जब उन्होंने महिला पायलटों को विमान उड़ाते देखा, तभी उनके मन में भी पायलट बनने का सपना जागा। इसके बाद उन्होंने विमान उड़ाने को अपना लक्ष्य बना लिया और लगातार मेहनत करते हुए इस सपने को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाया।

जारा की इस सफलता में उनके परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और परिवार को देते हुए कहा कि उनके पिता हमेशा उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करते रहे, वहीं मां ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।

लखनऊ से पढ़ाई, दिल्ली में डीजीसीए परीक्षा और अमेरिका में प्रशिक्षण

जारा फारूकी ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की शिक्षा लखनऊ से पूरी की। इसके बाद दिल्ली से डीजीसीए की परीक्षा उत्तीर्ण की। पायलट बनने के लिए उनका चयन अमेरिका के कैलिफोर्निया में फ्लाइंग ट्रेनिंग के लिए हुआ, जहां उन्होंने करीब 15 माह तक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रशिक्षण के दौरान उन्हें तकनीकी परीक्षाओं के साथ नियमित उड़ान अभ्यास और पायलट प्रशिक्षण की विभिन्न प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा। कठिन प्रशिक्षण और लगातार अभ्यास के बाद उन्होंने सफलतापूर्वक 300 घंटे की फ्लाइंग पूरी की और पायलट बनने की उपलब्धि हासिल की।

माता-पिता का नाम किया रोशन

नगर पंचायत अध्यक्ष रुखसाना कमाल फारूकी और कमाल फारूकी की पुत्री जारा फारूकी की इस उपलब्धि पर परिवार में खासा उत्साह है। जारा फारूकी की सफलता ने न केवल उनके माता-पिता का गौरव बढ़ाया है, बल्कि मड़ियाहूं नगर को भी एक नई पहचान दिलाई है।

बेटियों के सपनों को मिली नई उड़ान

जारा फारूकी की कहानी यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत में निरंतरता हो और परिवार का सहयोग मिले तो बेटियां किसी भी ऊंचाई को हासिल कर सकती हैं। मड़ियाहूं की इस बेटी ने विमान के साथ अपने सपनों को भी उड़ान दी है। उनकी सफलता आज क्षेत्र की उन तमाम बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है, जो बड़े सपने देखती हैं और उन्हें हकीकत में बदलना चाहती हैं।

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Bhanu Pratap Dixit

अब तक टीवी न्यूज़ चैनल

भानु प्रताप दीक्षित अबतक टीवी के ऑफिस में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे सीनियर को-एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारियाँ निभा रहे हैं।

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