- भारत ग्लोबल स्टेज पर अपनी स्किल्स का जलवा दिखाने के लिए तैयार है. ‘वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026’ का सफर शुरू हो रहा है और टीम इंडिया दुनिया के सबसे बड़े स्किल्स कॉम्पिटिशन में देश का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी कर रही है. इंडियास्किल्स से लेकर शंघाई तक देश के युवा प्रतिभागियों ने ट्रेनिंग और तैयारी का एक कठिन सफर तय किया है और अब वो वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा और क्षमता दिखाने के लिए तैयार हैं. टीम इंडिया को चीन भेजने से पहले दिल्ली के कौशल भवन में ‘वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026’ के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें स्किल डेवलपमेंट एंड आंत्रप्रेन्योरशिप राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने वर्ल्डस्किल्स इंडिया की टीम को बधाई दी.
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- टीम स्किल इंडिया पहली बार 11 स्किल कैटेगरी में भाग ले रही है. लगभग 70 भारतीय कॉम्पिटिटर्स इस प्रतियोगिता के 64 स्किल्स में से 63 में हिस्सा लेंगे, जो ग्लोबल स्किल चैंपियनशिप में देश के सबसे बड़े और सबसे विविध प्रतिनिधित्व में से एक है. यह भागीदारी भविष्य के लिए तैयार स्किल, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री से जुड़ी ट्रेनिंग पर भारत के बढ़ते फोकस को दर्शाती है, क्योंकि देश अपने युवाओं को तेजी से प्रतिस्पर्धी वैश्विक नौकरी बाजार के लिए तैयार करने का प्रयास कर रहा है.
- भारत की ओर से वर्ल्डस्किल्स में पहली बार शामिल हुए 11 नए स्किल्स
- 22 से 27 सितंबर 2026 तक चीन के शंघाई में शुरू होने वाली इस स्किल प्रतियोगिता में भारत टेक्निकल और वोकेशनल विशेषज्ञता के कई नए क्षेत्रों में अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार है. खास बात ये है कि इस बार प्रतियोगिता में देश की भागीदारी सिर्फ टीम में सदस्यों की संख्या बढ़ाने तक ही सीमित नहीं है बल्कि पहली बार भारतीय कॉम्पिटिटर्स हेल्थकेयर और एविएशन से लेकर ड्रोन टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, डिजिटल डिजाइन और एडवांस्ड मैन्यूफैक्चरिंग तक के क्षेत्रों को कवर करने वाली 11 स्किल कैटेगरी में भाग लेंगे.
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- इस प्रतियोगिता में जिन 11 कैटेगरी में भारत पहली बार भाग लेगा, उनमें डेंटल प्रोस्थेटिक्स, डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया डिजाइन, इंटेलिजेंट सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी, लैंडस्केप गार्डनिंग, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी, रिटेल सेल्स, मानवरहित एरियल सिस्टम, इंडस्ट्रियल मैकेनिक्स, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, हैवी व्हीकल टेक्नोलॉजी और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस शामिल हैं.
- सिर्फ मेडल तक सीमित नहीं भारत की भागीदारी
- कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के मुताबिक, नई कैटेगरी युवाओं के लिए ऐसे रास्ते बनाने पर भारत के फोकस को दर्शाती हैं, जिनके माध्यम से वो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेंचमार्क स्थापित कर सकें और ग्लोबस इंडस्ट्री की जरूरतों के लिए जरूरी स्किल हासिल कर सकें. इससे भारतीय कॉम्पिटिटर्स को दुनिया के कुछ बेहतरीन यंग स्किल्ड प्रोफेशनल्स के खिलाफ अपनी क्षमताओं का परीक्षण करने का मौका भी मिलता है. भारत के लिए इस प्रतियोगिता में भागीदारी सिर्फ मेडल जीतने का मौका नहीं है बल्कि यह वैश्विक मानकों को समझने और उन क्षेत्रों की पहचान करने का एक मंच है, जहां भारत के ट्रेनिंग सिस्टम में और सुधार किया जा सकता है.
- भारत के प्रदर्शन में काफी सुधार
- अंतरराष्ट्रीय स्किल प्रतियोगिताओं में देश के प्रदर्शन में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है. वर्ल्डस्किल्स 2015 में जहां भारत 29वें स्थान पर रहा था, तो वर्ल्डस्किल्स 2024 में अपने प्रदर्शन में सुधार कर भारत 13वें स्थान पर पहुंच गया था. भारत ने अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी दमदार प्रदर्शन किया है. वर्ल्डस्किल्स एशिया 2025 में भारत ने एशिया में 8वां स्थान, तो ताइपे कैपिटल कप 2026 में भारत ने पांच मेडल जीते थे.
- कौन-कौन से कॉम्पिटिटर्स लेंगे भाग?
- भारत की ओर से जो कॉम्पिटिटर्स इस प्रतियोगिता में भाग लेंगे, उनमें कर्नाटक की स्मृति नांबियार का नाम शामिल है, जो बेकरी स्किल प्रतियोगिता में भाग लेंगी. इसके अलावा विधि सुथर (फैशन टेक्नोलॉजी), अर्जुन विजयभास्कर (मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट), हर्ष रमेश पवार (3D डिजिटल गेम आर्ट), आशीष राजवंश (एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस), तेजस बीएस (ऑटोबॉडी रिपेयर), मो. सेराज (ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी), कैफ खान (कार पेंटिंग), तनुश्री मगेश (कुकिंग), हरि शंकर राजेश कुमार सिंधु (साइबर सिक्योरिटी), मो. सलाम (डेंटल प्रोस्थेटिक्स), विष्णुप्रिया सुनील (हेल्थ एंड सोशल केयर), जॉय दास (ज्वैलरी), सानिया जोशी (रिटेल सेल्स) और पीतांबरम ऋषिकेश (वाटर टेक्नोलॉजी) जैसे प्रतिभागी भी इस प्रतियोगिता में भाग लेंगे.
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