गणेश चतुर्थी के अवसर पर हैदराबाद के बेगमबाजार स्थित फीलखाना में स्थापित 48 किलोग्राम वजनी स्वर्ण गणेश प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. इस प्रतिमा को बनाने में आठ माह का समय लगा है.


  • गणेश चतुर्थी का उत्सव देशभर में बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है. भक्त बप्पा की विभिन्न रूपों, आकारों और सजावटों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं. इसी बीच हैदराबाद में स्थापित गणेश प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. तेलंगाना में हैदराबाद के बेगमबाजार क्षेत्र में स्थित फीलखाना में स्थापित स्वर्ण गणेश प्रतिमा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त उमड़ रहे हैं.
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  • लगभग 48 किलोग्राम वजनी यह प्रतिमा अपनी अनूठी सजावट से सभी को मंत्रमुग्ध कर दे रही है. आयोजकों ने बताया कि प्रतिमा पर 24 कैरेट शुद्ध सोने की परत चढ़ाई गई है और 3.8 लाख से अधिक के अमेरिकी हीरे जड़े गए हैं. जानकारी के अनुसार, इस प्रतिमा को तैयार करने में 8 महीने का समय लगा है. इसको आठ कुशल कारिगरों ने मिलकर बनाया है.
  • पांच अलग-अलग धातुओं से तैयार की गई प्रतिमा
  • गणेश जी की इस प्रतिमा में सिर्फ गोल्ड प्लेटिंग और डायमंड्स ही नहीं है, बल्कि इसमें धार्मिक प्रतीकों और बारीक डिजाइन का भी खास ध्यान रखा गया है. प्रतिमा को पंचधातु यानी पांच अलग-अलग धातुओं से तैयार किया गया है. इसका बेस पीतल का है. प्रतिमा पर की गई बारीक कारीगरी पास से देखने पर साफ दिखाई देती है. प्रतिमा के पीछे भगवान विष्णु के दस अवतारों की कलाकृतियां बनाई गई हैं.
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  • गणेश जी को दिया गया है राजसी रूप
  • मूर्ति की सजावट विशेष आकर्षण बन गई है. आयोजकों का कहना है कि गणेश जी को महाराष्ट्र के प्रसिद्ध लालबागचा राजा और तिरुपति के तिरुमाला के भगवान वेंकटेश्वर यानी तिरुपति बालाजी के रूपों से प्रेरणा लेकर सजाया गया है. बालाजी की तरह सजावट के साथ-साथ गणेश जी को लालबागचा राजा की तरह राजसी रूप दिया गया है. इससे यह मूर्ति सामान्य गणेश मूर्तियों से अलग दिख रही है.
  • भक्तों को ये गणेश जी की मूर्ति विशेष रूप से आकर्षित कर रही है. मूर्ति के दर्शन कर चुके भक्त इसकी भव्यता को देखकर विशेष अनुभूति कर रहे हैं.

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