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देवरिया-कुशीनगर रोड से आने वाले वाहनों का दबाव बढ़ा रहा मुश्किल, 500 मीटर तक रेंगते वाहन
देवरिया-कुशीनगर रोड से आने वाले वाहनों का दबाव बढ़ा रहा मुश्किल, 500 मीटर तक रेंगते वाहन
आरकेबीके बाईपास से पैडलेगंज मोड़ने की व्यवस्था हो प्रभावी, रेडिएशन ब्लू होटल के सामने सड़क पर पार्किंग पर लगे रोक
गोरखपुर। शहर के प्रमुख मोहद्दीपुर चौराहे पर जाम की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव खुद मोर्चा संभाल रहे हैं, इसके बावजूद पीक आवर में चौराहे के आसपास वाहनों की लंबी कतार लग रही है। आम जनता को चंद मिनट की दूरी तय करने में काफी समय लग रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी देवरिया और कुशीनगर रोड की ओर से आने वाले उन वाहन चालकों को हो रही है, जिन्हें पैडलेगंज की ओर जाना है।
मोहद्दीपुर चौराहा शहर के महत्वपूर्ण यातायात बिंदुओं में शामिल है। यहां अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों का दबाव एक साथ बढ़ने से यातायात व्यवस्था पर असर पड़ता है। खासकर देवरिया-कुशीनगर रोड से आने वाले वाहनों का एक बड़ा हिस्सा पैडलेगंज की ओर जाना चाहता है। इन वाहनों के लिए आरकेबीके बाईपास से पैडलेगंज की तरफ निकलने का विकल्प मौजूद है, लेकिन कई वाहन सीधे मोहद्दीपुर चौराहे की ओर पहुंच जाते हैं। इससे चौराहे पर अनावश्यक दबाव बढ़ जाता है।
स्थिति यह है कि कई बार वाहनों की कतार करीब 500 मीटर तक पहुंच जाती है। वाहन चालक धीरे-धीरे रेंगते हुए चौराहे तक पहुंचते हैं। इस दौरान दोपहिया, कार, ऑटो और अन्य वाहनों के एक साथ आने से स्थिति और जटिल हो जाती है। यातायात पुलिस के जवान व्यवस्था संभालने में जुटे रहते हैं, लेकिन वाहनों का दबाव इतना अधिक होता है कि कुछ ही देर में दोबारा जाम की स्थिति बनने लगती है।
एसपी ट्रैफिक के मोर्चा संभालने के बावजूद सवाल कायम
मोहद्दीपुर चौराहे की यातायात व्यवस्था को लेकर एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव स्वयं मौके पर मौजूद रहकर यातायात संचालन को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिसकर्मी भी लगातार वाहनों को व्यवस्थित तरीके से निकालने में जुटे रहते हैं। इसके बावजूद यदि किसी चौराहे पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है तो केवल मौके पर पुलिस बल बढ़ाने से स्थायी समाधान संभव नहीं है। जरूरत इस बात की है कि जाम के मूल कारणों को चिन्हित कर यातायात का स्थायी प्लान तैयार किया जाए।
स्थानीय स्तर पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब देवरिया-कुशीनगर रोड से आने वाले वाहनों में बड़ी संख्या पैडलेगंज की ओर जाने वाली है, तो उन्हें मोहद्दीपुर चौराहे तक आने से पहले ही आरकेबीके बाईपास के रास्ते मोड़ने की व्यवस्था क्यों प्रभावी नहीं की जा रही है। यदि ऐसे वाहनों को बाईपास से ही पैडलेगंज की ओर भेजा जाए तो मोहद्दीपुर चौराहे पर वाहनों का दबाव काफी कम किया जा सकता है।
सड़क किनारे पार्किंग भी बढ़ा रही मुसीबत
जाम का एक और कारण सड़क किनारे वाहनों का खड़ा होना बताया जा रहा है। सड़क के किनारे लगाए गए पेड़ों की आड़ में वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। इससे पहले से सीमित सड़क की चौड़ाई और कम हो जाती है। वाहनों की पार्किंग के कारण चलने वाले वाहनों के लिए उपलब्ध जगह घटती है और थोड़ी सी भी भीड़ बढ़ने पर यातायात धीमा पड़ जाता है।
इसके अलावा रेडिएशन ब्लू होटल के सामने सड़क किनारे वाहनों के खड़े होने से भी यातायात प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। होटल के सामने यदि वाहन सड़क पर खड़े होते हैं तो चौराहे की ओर जाने वाले वाहनों के लिए रास्ता और संकरा हो जाता है। ऐसे में यातायात पुलिस को जाम खुलवाने के लिए लगातार मशक्कत करनी पड़ती है।
आम लोगों का कहना है कि यदि सड़क किनारे अनधिकृत पार्किंग पर प्रभावी रोक लगा दी जाए और होटल के सामने वाहनों को सड़क पर खड़ा होने से रोका जाए तो यातायात संचालन में काफी सुधार हो सकता है। इसके लिए केवल अभियान चलाने के बजाय नियमित निगरानी की जरूरत है।
चौराहा चौड़ा हो या यातायात का नया प्लान बने
मोहद्दीपुर चौराहे पर जाम की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने के लिए यातायात विशेषज्ञों के साथ मौके का तकनीकी अध्ययन कराया जाना जरूरी है। यदि चौराहे की मौजूदा चौड़ाई वाहनों के बढ़ते दबाव के लिए पर्याप्त नहीं है तो इसे चौड़ा करने की दिशा में कदम उठाने होंगे। वहीं, यदि सड़क की उपलब्ध चौड़ाई में ही यातायात को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकता है तो अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए लेन और डायवर्जन की व्यवस्था प्रभावी करनी होगी।
देवरिया-कुशीनगर रोड से पैडलेगंज जाने वाले वाहनों को आरकेबीके बाईपास से मोड़ने के लिए स्पष्ट संकेतक लगाए जा सकते हैं। पर्याप्त दूरी से ही वाहन चालकों को बताया जाए कि पैडलेगंज जाने के लिए कौन सा मार्ग सबसे सुविधाजनक है। इससे वाहन चौराहे तक आने के बजाय वैकल्पिक मार्ग से निकल सकेंगे।
इसी तरह सड़क किनारे पार्किंग के लिए स्पष्ट निषेध क्षेत्र बनाया जाना चाहिए। रेडिएशन ब्लू होटल के सामने सड़क पर वाहन खड़े होने से रोकने के साथ ही पेड़ों की आड़ में पार्किंग करने वालों पर भी कार्रवाई जरूरी है। यातायात व्यवस्था केवल पुलिसकर्मियों के मौके पर खड़े रहने से नहीं सुधरेगी, बल्कि सड़क की क्षमता, वाहनों के रूट और पार्किंग व्यवस्था को ध्यान में रखकर समग्र योजना बनानी होगी।
मोहद्दीपुर चौराहे पर एसपी ट्रैफिक की सक्रियता के बावजूद यदि रोजाना आम जनता जाम में फंस रही है तो अब व्यवस्था को तत्काल अगले स्तर पर ले जाने की जरूरत है। पुलिस मौके पर जाम खुलवा सकती है, लेकिन जब तक वाहनों के अनावश्यक चौराहे पर आने, सड़क किनारे पार्किंग और संकरे मार्ग जैसी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक जाम की समस्या दोबारा सिर उठाती रहेगी। इसलिए या तो चौराहे को यातायात दबाव के अनुरूप चौड़ा किया जाए या फिर आरकेबीके बाईपास से पैडलेगंज जाने वाले वाहनों को व्यवस्थित तरीके से मोड़ने और सड़क किनारे पार्किंग पूरी तरह रोकने की ठोस व्यवस्था की जाए। तभी मोहद्दीपुर चौराहे को रोज-रोज लगने वाले जाम से स्थायी राहत मिल सकेगी।
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रुपये की लागत से होगा विकास कार्य
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