यूजीसी के कथित काले कानून के विरोध में पैदल मार्च प्रस्तावित, नेरी में जुटे हजारों कार्यकर्ता; पुलिस ने रोका मार्च, कई नेता हिरासत में
सीतापुर/महोली। यूजीसी के कथित काले कानून के विरोध और जाति के आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर सोमवार को महोली क्षेत्र के नेरी में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। मिश्रिख, भरगामा, पिसावा सहित आसपास के क्षेत्रों से भी कार्यकर्ता नेरी पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों की योजना नेरी से पैदल मार्च निकालकर सीतापुर पहुंचने और जिला प्रशासन का घेराव करने की थी। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के कथित कानून को तत्काल वापस लेने तथा आरक्षण व्यवस्था को जाति के आधार पर लागू किए जाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही महोली एसडीएम, क्षेत्राधिकारी नागेंद्र चौबे और थाना प्रभारी जेबी पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि पैदल मार्च की अनुमति नहीं है। इसके बाद पुलिस ने प्रस्तावित मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया और प्रदर्शनकारियों को बसों के माध्यम से थाने ले जाया गया।
प्रदर्शन के दौरान ईश्वर प्रताप सिंह, संदीप त्रिवेदी, विवेक पांडे, अरुण शुक्ला (प्रदेश सचिव, किसान यूनियन), कुलदीप बाजपेई, दिवाकर बाजपेई और सुनील शुक्ला (केसरिया हिंदू वाहिनी) सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग आंदोलन में शामिल हुए।
वहीं, प्रदर्शनकारियों के प्रस्तावित जिला मुख्यालय मार्च को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखने और आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कही।
पुलिस की कार्रवाई के बाद महोली क्षेत्र में स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

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