न कागज न डाक्टर न नाम न पता फिर भी नहीं पड़ती है विभागीय अधिकारियों की नजर


न  कागज न डाक्टर न नाम न पता फिर भी नहीं पड़ती है विभागीय अधिकारियों की नजर

मेडिकल स्टोर के पीछे चल रहे मिनी अस्पताल: नियमों की सरेआम उड़ाई जा रही हैं धज्जियां

बिना नाम के मेडिकल स्टोर/और बिना नाम के अस्पताल चिकित्सक तरीके से इंजेक्शन लगाई जा रही है ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है लोगों के जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा

यह मामला जनपद बहराइच के विकासखंड रिसिया अन्तर्गत नरसिंहडीहा चौराहे का है


जिला बहराइच में कई गांवों में मेडिकल स्टोर संचालकों ने दुकान के पीछे गुपचुप तरीके से 2-3 बेड डाल रखे हैं। जहाँ बिना किसी डॉक्टर के  मरीजों को ड्रिप (ग्लूकोज) चढ़ाई जाती है हाई-डोज एंटीबायोटिक इंजेक्शन दिए जाते हैं, जो किडनी और लीवर को सीधे नुकसान पहुँचाते हैं। नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है (जांच में खुले राज)स्वास्थ्य विभाग की जांच में ग्रामीण क्षेत्रों के मेडिकल स्टोरों पर निम्नलिखित गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद उन पर ताला जड़ा गया है:

फार्मासिस्ट गायब, बिना डिग्री के चला रहे दुकान: नियमानुसार हर मेडिकल स्टोर पर एक पंजीकृत फार्मासिस्ट का होना अनिवार्य है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में फार्मासिस्ट केवल कागजों पर हैं और दुकानें बिना किसी तकनीकी ज्ञान वाले युवकों द्वारा चलाई जा रही हैं।सस्ते के चक्कर में एक्सपायरी दवाओं का खेल: छापेमारी के दौरान कई दुकानों से एक्सपायरी (समय सीमा पार) दवाएं और बिना बिल की संदिग्ध दवाएं बरामद की गई हैं, जिन्हें अनपढ़ ग्रामीणों को कम दामों का लालच देकर बेच दिया जाता है।

-⚖️ प्रशासन की सख्त चेतावनी: होगी जेल और भारी जुर्माना मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) के निर्देश पर ड्रग विभाग ने साफ कर दिया है कि ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत बिना डॉक्टर के पर्चे के शेड्यूल एच (Schedule H) की दवाएं और इंजेक्शन बेचना या लगाना एक गंभीर कानूनन अपराध है।अधिकारियों ने कड़ी चेतावनी दी है कि जो भी मेडिकल स्टोर संचालक क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट का उल्लंघन करते हुए पाया जाएगा, उसके खिलाफ न केवल दुकान सीज करने की कार्यवाही होगी, बल्कि एफआईआर (FIR) दर्ज कर उसे जेल भेजा जाएगा। प्रशासन ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे किसी भी बीमारी में केवल सरकारी अस्पताल या पंजीकृत डॉक्टर (MBBS/BAMS) के पास ही जाएं और झोलाछापों के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें। लेकिन अब सवाल यह है कि क्या विकास खंड रिसिया क्षेत्र C.H.C. केंद्र रिसिया के अंतर्गत नरसिंहडीहा चौराहे पर एक ही व्यक्ति की दुकान है जहां बड़े पैमाने पर लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है । मेडिकल स्टोर पर  न कोई बोर्ड और न ही कोई डॉक्टर नजर आया इतना ही नहीं बल्कि क्लीनिक पर कोई डॉक्टर नजर नहीं आया मीडिया टीम को देखते ही गेट बंद हो गया। और वहां क्लीनिक के बाहर  लगभग 16 -17 वर्ष का लड़का टहल रहा था जब उससे मीडिया टीम द्वारा जानकारी ली गई तो उसने बताया कि मेरे भैया बाजार गए हैं यह मेडिकल मेरा ही है जब उस बच्चे से ग्लूकोज और इंजेक्शन लोगों को लगाने व इलाज़ करने का सवाल किया गया तो लड़के ने चौंका दिया उसने बताया कभी मैं इंजेक्शन लगा देता हूं कभी मेरी मम्मी लगा देती है इसी तरह से यहां इलाज होता है और मेरे ही मेडिकल स्टोर पर दवा मिल जाती है जबकि ना तो कोई मेडिकल स्टोर पर डॉक्टर दिखा और न ही क्लीनिक पर आखिरकार  किसके इशारे पर लोगों को मौत बांटी जा रही है

अब तक टीवी न्यूज चैनल से अदहम खान की रिपोर्ट

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