अर्जुन रौतेला आगरा। गुरुकुल किड्ज़ अकादमी में सावन महोत्सव एवं हरियाली तीज का आयोजन धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ हर्षोल्लासपूर्वक किया गया। इस वर्ष आयोजन की थीम कांवड़िया एवं हरियाली तीज रखी गई, जिसके अनुरूप विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। नन्हे-मुन्ने विद्यार्थी कांवड़िया और पारंपरिक परिधानों में नजर आए तो पूरा परिसर सावन की भक्ति और उल्लास से सराबोर हो गया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने भगवान शिव से जुड़े भजनों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सावन की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को प्रस्तुत किया। छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में झूला, मेहंदी सहित तीज से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
पौधे लगाकर लिया प्रकृति बचाने का संकल्प
हरियाली तीज को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने पौधारोपण किया। बच्चों ने पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों को बताया कि सावन केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि हरियाली, प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण से जुड़ने का भी संदेश देता है।
विद्यालय की प्रधानाचार्या हेमलता जौहरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति, प्रकृति और संस्कारों को बच्चों की शिक्षा से जोड़ना ही आयोजन का उद्देश्य है। कांवड़िया थीम के माध्यम से बच्चों को भगवान शिव की भक्ति एवं सावन की परंपराओं से जोड़ा गया, जबकि वृक्षारोपण के माध्यम से उन्हें पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया गया।
उप-प्रधानाचार्या राधा मिश्रा ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों में भारतीय संस्कार, सामाजिक मूल्यों और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करते हैं। उन्होंने बच्चों को प्रकृति से जुड़ने, अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए प्रेरित किया।
संस्था के प्रबंधक दिलीप जौहरी ने नई शिक्षा नीति पर अपने विचार रखते हुए कहा कि प्राथमिक शिक्षा में मातृभाषा एवं क्षेत्रीय भाषाओं को महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था पिछले सात वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही है और पढ़ाई-लिखाई के साथ बच्चों के संस्कार निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
कार्यक्रम में मेहंदी गतिविधि, झूला आकर्षण और पारंपरिक परिधान विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर आयोजन को सफल बनाया।
अकादमी की सोनम शर्मा, रश्मि, नीलम शर्मा, तन्वी, मुस्कान, उन्नति एवं काजल आदि ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देने का निरंतर प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय में भविष्य में भी भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और बच्चों के सर्वांगीण विकास से जुड़े ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
अंत में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने प्रकृति संरक्षण और भारतीय संस्कृति के संवर्धन का संकल्प लिया। विद्यालय प्रबंधन ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ उनमें संस्कार, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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