झारखंड में जारी छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिलता दिख रहा है. नैतिक रूप भारतीय जनता पार्टी, आजसू , जेएलकेएम सहित कई अन्य दलों का समर्थन मिल रहा है.


दिल्ली में पेपर लीक से जुड़े मामले पर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद अब झारखंड में भी छात्र आंदोलन कर रहे हैं. राजधानी रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की OMR शीट विवाद, 14वीं जेएसएससी-सीजीएल और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है. प्रदर्शनकारी परीक्षा अनियमितताओं की सीबीआई जांच और भर्ती एजेंसियों में सुधार की मांग कर रहे हैं. इस बीच कई छात्र संगठनों ने विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया है, लेकिन इन सभी की तारीख अलग-अलग है.

 


लगभग 10 दिनों से सैकड़ों की संख्या में छात्र रांची के कचहरी स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर बैठे हुए हैं. ये छात्र संविधान की कॉपी लेकर जेपीएससी और जेएसएससी के भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान के तहत अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन पर बैठे हुए हैं. धीरे-धीरे आंदोलनरत छात्रों को अलग-अलग राजनीतिक दलों का समर्थन भी मिलता जा हो रहा है.

JPSC के पूर्व चेयरमैन से कई घंटे की पूछताछ

हालांकि सरकार की ओर से भी कार्रवाई की जा रही है. मामले की जांच कर रही सीआईडी की टीम ने राज्य के कई ठिकानों पर रेड डाली है तो आयोग के पूर्व चेयरमैन से लगातार पूछताछ की जा रही है. जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते से सीआईडी अधिकारियों ने कल सोमवार को परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में करीब सात घंटे तक पूछताछ की. एजेंसी ने उनसे चौथी बार पूछताछ की है. इससे पहले 28 जुलाई को खियांग्ते से 9 घंटे, 29 और 31 जुलाई को 8-8 घंटे पूछताछ की गई थी.

प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितता और गड़बड़ियों की जांच सीआईडी की जगह सीबीआई से करवाई जाए. साथ ही 14वीं जेपीएससी की पीटी परीक्षा को तत्काल रद्द किया जाए और फिर से पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त परीक्षा आयोजित कराई जाए. साथ ही परीक्षा कैलेंडर जारी किए जाएं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाकर कठोर कार्रवाई की जाए.

मुंडा स्टेडियम में अलग-अलग जगहों पर लगे टेंट

हालांकि मुंडा स्टेडियम में छात्रों का अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन अब गुटों में बंटता दिख रहा है. स्टेडियम में 2 अलग-अलग जगहों पर टेंट लगाया गया है. छात्रों का कहना है कि इस आंदोलन में राजनीतिक हस्तक्षेप और मतभेदों की वजह से ऐसा हुआ है.

हालांकि, दोनों पक्षों के आंदोलनरत छात्रों की मांग एक ही है, लेकिन आंदोलन के संचालन, नेतृत्व और आगे की रणनीति को लेकर अलग-अलग राय सामने आने से इसकी एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं. एकजुटता की कमी का अंदाजा ऐसे लगाया जा सकता है कि छात्रों से जुड़ी मांग एक ही है, लेकिन 3 संगठनों ने अलग-अलग तारीखों पर विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया है.

क्रांतिकारी मोर्चा 6 अगस्त को करने जा रहा घेराव

एक तरफ जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच की अगुवाई करने वाले झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो हैं. उन्होंने पिछले महीने 25 जुलाई से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत की थी. अब वह 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं. महतो का कहना है कि जब तक सरकार छात्रों के मुद्दे को नहीं मान लेती है तब तक उनका अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगा.

यही नहीं इस गुट की ओर से 6 अगस्त को झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधानसभा घेराव करने का ऐलान भी किया गया है. दावा किया जा रहा है कि झारखंड के सभी 24 जिलों से हजारों की संख्या में छात्र इस विरोध मार्च में शामिल होने के लिए रांची आएंगे.

साथ आने की जगह रिफॉर्म मंच का 10 को मार्च

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के अलावा छात्रों का एक दूसरा गुट है जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच. इस मंच की ओर यह ऐलान किया गया है कि 6 अगस्त को नहीं बल्कि 10 अगस्त को झारखंड के 24 जिले से आए अभ्यर्थियों के द्वारा जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षा में हुई कथित भ्रष्टाचार, सीबीआई जांच की मांग और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सहित कई अन्य मुद्दों पर झारखंड़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाएगा.

इसी बीच एख अन्य छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, आईसा (AISA) ने भी यह ऐलान किया है कि 7 अगस्त को आईसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा रांची आ रही हैं और उनकी अगुवाई में इसी दिन विधानसभा मार्च किया जाएगा.

उच्च स्तरीय कमिटी बनाने पर विचार कर रही सरकार

झारखंड में जारी छात्रों के इस आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिलता दिख रहा है. नैतिक रूप भारतीय जनता पार्टी, आजसू , जेएलकेएम सहित कई अन्य दलों का समर्थन मिल रहा है. छात्रों के मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा और आजसू पार्टी द्वारा जेपीएससी ऑफिस का घेराव से लेकर लोकभवन मार्च तक का आयोजन किया जा चुका है.

वहीं सूत्रों से मिली रही जानकारी में यह बात भी सामने आई है कि राज्य सरकार आंदोलन जल्द से जल्द खत्म कराने की कोशिश में है. छात्रों से बातचीत करने और उनकी मांगों से अवगत होने और आंदोलन खत्म करने की दिशा में एक उच्च स्तरीय कमिटी बनाई जाने पर सरकार की ओर से जल्द ही विचार किया जा सकता है.

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