मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित भव्य समारोह में उस समय भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने प्रोटोकॉल की औपचारिकता को किनारे रखकर सादगी और आत्मीयता का अनोखा उदाहरण पेश किया।


मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित भव्य समारोह में उस समय भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने प्रोटोकॉल की औपचारिकता को किनारे रखकर सादगी और आत्मीयता का अनोखा उदाहरण पेश किया।

समारोह के दौरान मंत्री संजय सिंह गंगवार ने जहां नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया, वहीं उन्होंने मंच से उतरकर वर-वधू के परिवारों के बीच जमीन पर बैठकर भोजन किया। मंत्री को अपने बीच बैठा देख परिजन और मेहमान भावुक हो उठे। जब उनसे इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “ये सब मेरा परिवार हैं। अपनी जनता के साथ बैठकर भोजन करने में जो खुशी मिलती है, वह किसी और चीज़ में नहीं मिलती।” राज्यमंत्री का यह कदम महज औपचारिकता नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और समानता का सशक्त संदेश बन गया। सामूहिक विवाह के मंच से उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार और उसके प्रतिनिधि जनता से दूर नहीं, बल्कि उनके सुख-दुख में साथ खड़े हैं।

कन्या पक्ष के लोगों ने भी इस पल को बेहद खास बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि कोई मंत्री उनके साथ इस तरह जमीन पर बैठकर भोजन करेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए थे, लेकिन मंत्री की सादगी और अपनत्व ने पूरे आयोजन को ‘वीआईपी कार्यक्रम’ के बजाय ‘जनता का उत्सव’ बना दिया।

राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार का यह व्यवहार राजनीति में सेवा, सादगी और जनसरोकार की एक नई मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। उनके इस कदम ने न केवल समारोह की गरिमा बढ़ाई, बल्कि जनता के दिलों में उनके प्रति सम्मान को और भी गहरा कर दिया।
 

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।