पीलीभीत। रेलवे में पक्की नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से करोड़ों रुपये ठगने वाले संगठित गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। करीब 8 करोड़ रुपये की ठगी के इस सनसनीखेज


पीलीभीत। रेलवे में पक्की नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से करोड़ों रुपये ठगने वाले संगठित गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। करीब 8 करोड़ रुपये की ठगी के इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद 23 और पीड़ित सामने आए हैं, जिससे ठगी का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है।

घटना का खुलासा करते हुए क्षेत्राधिकारी सदर नताशा गोयल ने बताया कि 16 सितंबर 2025 को थाना अमरिया में मुकदमा संख्या 252/2025 धारा 406/420/468/471 भादवि के तहत पांच नामजद अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी धनराशि लेने और फर्जी दस्तावेज देने का आरोप लगाया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव मिश्र ने विशेष टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के बाद कमलेश कुमार, मो. मोहसिन, शोएब, रामा यादव, रेखा मिश्रा और धनंजय मिश्रा को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया।

विवेचना में सामने आया कि पूरे गिरोह का संचालन शिवशंकर मिश्रा कर रहा था, जो गुजरात के भरूच जनपद के अंकलेश्वर क्षेत्र का निवासी है। आरोप है कि वही युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर मोटी रकम ऐंठता और फर्जी नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराता था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह युवाओं को रेलवे में पक्की नौकरी का झांसा, फर्जी नियुक्ति पत्र और ज्वाइनिंग लेटर, चरणबद्ध तरीके से मोटी रकम की वसूली और पैसे मिलते ही संपर्क खत्म कर  अपने शिकार को फंसाते थे। गिरफ्तारी के बाद 23 और पीड़ितों ने करीब 2.98 करोड़ रुपये की अतिरिक्त ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर पीड़ितों की संख्या और रकम दोनों बढ़ सकते हैं।

बेरोजगारी के दौर में युवाओं के सपनों से खिलवाड़ करने वाले इस गिरोह पर पुलिस का शिकंजा कस चुका है। प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि सरकारी नौकरी के नाम पर किसी भी दलाल या बिचौलिए पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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