गोरखपुर के जिलाधिकारी (डीएम) दीपक मीणा ने प्रशासनिक कार्यों को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने सभी सरकारी कार्यालयों को निर्देश दिया है कि अगले 10 दिनों के भीतर ई-ऑफिस प्रणाली को लागू किया जाए। फरवरी 2026 के बाद से किसी भी फाइल का संचालन मैन्युअल रूप से नहीं किया जाएगा। यह निर्णय प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज और कागज रहित बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
इसके अलावा, डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य रूप से जनसुनवाई करें। जनसुनवाई के दौरान शिकायतों का पंजीकरण, उनकी प्रगति की निगरानी और त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, सभी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को भी अनिवार्य किया गया है ताकि कर्मचारियों की उपस्थिति में पारदर्शिता बनी रहे।
डीएम मीणा ने साफ कहा है कि इन निर्देशों का पालन न करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनका उद्देश्य है कि प्रशासनिक कार्यों में देरी और अनियमितता को पूरी तरह खत्म किया जाए। गोरखपुर प्रशासन के इस कदम से सरकारी कामकाज में सुधार और जनता को राहत मिलने की उम्मीद है।
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