फतेहपुर ब्यूरो: जिले में अपराध की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आज एक बार फिर जिला दहल उठा जब थरियांव थाना क्षेत्र के सखियांव अचितपुर पिटाई गांव के बाहर बजहा बाबा मंदिर के मुख्य द्वार पर 30 वर्षीय किसान सुशील कुमार का शव फंदे से लटका मिला। ग्रामीणों और परिजनों में हत्या की गंभीर..


फतेहपुर में संदिग्ध मौत: किसान सुशील कुमार का शव मंदिर के दरवाजे पर फंदे से लटका मिला

 उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में अपराध की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आज एक बार फिर जिला दहल उठा जब थरियांव थाना क्षेत्र के सखियांव अचितपुर पिटाई गांव के बाहर बजहा बाबा मंदिर के मुख्य द्वार पर 30 वर्षीय किसान सुशील कुमार का शव फंदे से लटका मिला। ग्रामीणों और परिजनों में हत्या की गंभीर आशंका जताई जा रही है, जिससे क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। यह घटना फतेहपुर में पिछले एक साल से जारी हत्याओं की श्रृंखला की एक और कड़ी प्रतीत होती है, जहां पुरानी दुश्मनी, अवैध संबंध और राजनीतिक रंजिशों ने कई जिंदगियां लील ली हैं।

नवीनतम घटना:सोमवार सुबह सखियांव अचितपुर पिटाई गांव के निवासी सुशील कुमार (पुत्र पीतांबर) का शव मंदिर के मुख्य द्वार पर लगे घंटे से फंदे पर लटकता पाया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, शव की स्थिति ऐसी थी कि यह आत्महत्या कम और सुनियोजित हत्या ज्यादा लग रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि हत्यारों ने शव को जानबूझकर मंदिर परिसर में लटकाया ताकि सबूत मिटाए जा सकें और इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके। घटना की सूचना फैलते ही सैकड़ों ग्रामीण और परिजन मौके पर जमा हो गए, जहां कोहराम मच गया।परिजनों ने बताया कि सुशील कुमार एक साधारण किसान था, जिसका किसी से कोई बड़ा विवाद नहीं था। फिर भी, वे इसे हत्या मान रहे हैं और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। सूचना मिलने के लगभग दो घंटे बाद पहुंची पुलिस को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। लोगों ने "पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद" के नारे लगाए और शव को सात घंटे तक नहीं उतारने दिया। अंततः पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया। फतेहपुर पुलिस के अनुसार, जांच शुरू हो चुकी है, लेकिन मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों की मांग है कि जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें।

फतेहपुर की खूनी सिलसिला: फतेहपुर जिला पिछले एक साल से हत्याओं की आग में झुलस रहा है। आए दिन होने वाली इन घटनाओं ने स्थानीय निवासियों में दहशत पैदा कर दी है। यहां कुछ प्रमुख पिछली घटनाएं हैं, जो इस नवीनतम मामले से जुड़ती नजर आती हैं।

14-20 जनवरी: किसान राम सुमेर सिंह की सुपारी हत्या समलैंगिक संबंधों में पति की हत्या - हाल ही में एक महिला ने अपनी महिला पार्टनर के साथ मिलकर पति राम सुमेर सिंह की गला रेतकर हत्या कर दी। पति उनके रिश्ते का विरोध कर रहा था। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन दो फरार हैं। यह मामला अवैध संबंधों से जुड़ी हिंसा का उदाहरण है।

16 जनवरी: डबल मर्डर (दोस्त और भाभी की हत्या)- हसवा थरियांव क्षेत्र में युवक दिलदार ने अवैध संबंध के शक में दोस्त फैजान और भाभी जिकरा को चाकू से गोदकर मार डाला। बहन गंभीर रूप से घायल। आरोपी गिरफ्तार।

20 जनवरी: मलवा थाना क्षेत्र में प्रेमिका से मिलने आए युवक सौरभ की धारदार हथियार से हत्या- मलवा थाना क्षेत्र के सराय शहजादा गांव (नहर के पास) में इटावा जिले के निवासी युवक (लगभग 25-28 वर्ष) का खून से लथपथ शव मिला। चेहरे पर 10 से ज्यादा वार के निशान। युवक प्रेमिका से मिलने आया था। प्रेमिका के परिवार पर हत्या का आरोप। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर मामले का खुलासा किया—3 आरोपी गिरफ्तार (ससुर, दामाद समेत), एक और आरोपी बाद में पकड़ा गया। कुल 4-5 नामजद। प्रेम संबंध विवाद मुख्य वजह।

21-22 जनवरी: जमींदार जयराज मान सिंह की निर्मम हत्या- 68 वर्षीय बड़े जमींदार और वरिष्ठ अधिवक्ता जयराज मान सिंह (पूर्व मुख्य सचिव के रिश्तेदार) की गला रेतकर हत्या। सदर कोतवाली क्षेत्र, महर्षि विद्या मंदिर के पास बाग में शव मिला। पुलिस ने मैनेजर अंकित मिश्रा को गिरफ्तार किया—109 बीघा जमीन के सौदे में कमीशन और लालच मुख्य कारण। आरोपी ने जमीन नापने के बहाने ले जाकर चाकू से गला काटा। जिले में करोड़ों की संपत्ति के मालिक की मौत से दहशत फैली।

जनवरी मध्य: युवक सचिन सिंह द्वारा पत्नी श्वेता की हत्या- लव मैरिज के 4 महीने बाद पत्नी पर शक में गला घोंटकर हत्या। आरोपी ने खुद थाने में सरेंडर किया। घरेलू विवाद मुख्य वजह।

इन घटनाओं से साफ है कि फतेहपुर में पुरानी रंजिश, अवैध संबंध, राजनीतिक दुश्मनी और घरेलू हिंसा अपराधों के मुख्य कारण हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि पुलिस की लापरवाही से अपराधी बेखौफ हो गए हैं।पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया: जांच का दावा, लेकिन सवाल बरकरार फतेहपुर पुलिस ने नवीनतम घटना पर बयान जारी कर कहा कि इमरजेंसी सर्विस 112 को अलर्ट किया गया था और टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, स्थानीय विरोध के कारण शव उतारने में देरी हुई।

  घटना ने फतेहपुर में कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो मौत का रहस्य खोलेगी। यदि यह हत्या साबित हुई, तो यह जिले की अपराध श्रृंखला में एक और अध्याय जोड़ेगी। उम्मीद है कि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करेगी और अपराधों पर लगाम लगाएगी, वरना दहशत का यह सिलसिला और बढ़ सकता है।

रिपोर्ट:लव सिंह यादव,ब्यूरो चीफ़, फतेहपुर,अब तक न्याय 

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