मनरेगा योजना भ्रष्टाचारियों के लिए लूट का खजाना बन गया है।


 हालत यह है कि ग्राम प्रधान और ब्लॉक के कर्मचारियों की मिलीभगत खुलकर‌ सामने आ रही है। भ्रष्टाचार के इस खेल में ब्लॉक के जिम्मेदारों की मौन सहमति है। यही वजह है कि तमाम  शिकायतों के बाद भी मामलों की जांच तक नहीं हो पा रही है। फर्जी तरीके से मनरेगा के नाम धांधली  करने का मामला अमरिया ब्लॉक में सामने आया है। खास बात यह है कि मामले की जानकारी बड़े अफसरों को होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है और जिम्मेदार मौन हैं। ऐसे में अमरिया  क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के सरपंच-सचिव मनरेगा की राशि को ठिकाने लगाने में लगे हुए हैं।

पीलीभीत जिले के विकासखंड अमरिया के ग्राम पंचायत ढेरम और डांग में सरपंच-सचिवों की मनमानी के चलते मनरेगा सहित शासन की अन्य योजनाओं में जमकर घालमेल किया जा रहा है। ग्राम पंचायत ढेरम में बलदेव के खेत से एजाज के खेत तक चकमार्ग पर मिट्टी कार्य कराया जा रहा है। जिसमें 11 दिसंबर 2025 से लगातार दो मास्टररोल क्रमशः 5201 और 5202 में 20 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है। लेकिन इन दोनों मास्टर रोल में 11से 14 दिसंबर के बीच अपलोड किया गए फोटो एक समान है। जो फोटो 11 दिसंबर को अपलोड किया गया है वही वही 12 दिसंबर 13 दिसंबर एवं 14 दिसंबर को भी अपलोड किया गया है। जिससे सबसे बड़ा सवाल है उठाता है कि ब्लॉक स्तर पर निगरानी के लिए मौजूद अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी क्या इन सभी चीजों से अन्नभिज्ञ हैं। नियम अनुसार एक मास्टर रोल में सिर्फ एक ही श्रमिकों के फोटो अपलोड किया जा सकते हैं। लेकिन यहां दोनों मास्टररोलो में लगातार एक ही फोटो अपलोड होना अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी की मिलीभगत साफ स्पष्ट करता है। वही कार्य स्थल पर एक भी श्रमिक का उपस्थित ना होना और ना ही चकमार्ग के दोनों किनारों पर मिट्टी उठाने के निशान है।

वहीं ग्राम पंचायत डांग में साइफन से  आवेश हुसैन के खेत तक कच्चा  नाला खुदान कार्य कराया जा रहा है।  जिसके अंतर्गत जारी किए गए मास्टर रोल क्रमशः 5450, 5451, 5452 एवं 5453 है। जिसमें लगातार 20 से 25 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है। वहां भी किसी भी श्रमिक का उपस्थित ना होना इस बात की तरफ साफ इशारा करता है कि ग्राम पंचायत के सरपंच एवं रोजगार सेवक को एपीओ ने अपना खुला मौन समर्थन दे रखा है। मतलब साफ है कि एपिओ के संरक्षण में ही अमरिया विकासखंड में मनरेगा योजना में जमकर धांधलेबाजी की जा रही है और लगातार सरकारी धन का आपस में बंदरबांट किया जा रहा है।

इस संबंध में जब अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अमरिया अनवर मलिक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मैं इन कार्यों को चेक करवा रहा हूं। इस संबंध में अधिक जानकारी कार्यक्रम अधिकारी ही दे सकते हैं। जिससे साफ स्पष्ट होता है कि अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अमरिया के खुले संरक्षण में ही मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार का यह गोरखधंधा फल फूल रहा है।

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