बहराइच हिंसा मामला: जज ने मनुस्मृति का श्लोक पढ़कर सुनाई सजा
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में 2024 में हुई हिंसा के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
रायबरेली जनपद में शादी का झांसा देकर एक महिला से वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है।
पीड़िता ने युवक पर प्रेम जाल में फंसाकर शादी का वादा करने, पति-पत्नी की तरह रखने और बाद में शादी से इंकार करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर पीड़िता ने डलमऊ कोतवाली में शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।जानकारी के अनुसार, लालगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने आरोप लगाया कि बालभद्रपुर गांव निवासी एक युवक ने उससे प्रेम संबंध स्थापित किया। युवक ने शादी का भरोसा दिलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता का कहना है कि युवक ने न केवल शादी का वादा किया, बल्कि कई वर्षों तक उसे अपनी पत्नी की तरह अपने साथ रखा। इस दौरान समाज और परिवार के सामने भी वह उसे जीवनसाथी के रूप में स्वीकार करने का आश्वासन देता रहा। पीड़िता के अनुसार, जब उसने विवाह के लिए दबाव बनाना शुरू किया तो युवक का व्यवहार अचानक बदल गया। पहले टालमटोल की गई और बाद में युवक ने साफ तौर पर शादी करने से इंकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने जब अपने साथ हुए कथित अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई तो उसे धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया गया है। न्याय की आस में भटक रही पीड़िता ने अंततः डलमऊ कोतवाली पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। उसने मांग की है कि आरोपी युवक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि उसे न्याय मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। इस मामले में डलमऊ कोतवाली प्रभारी श्याम कुमार पाल ने बताया कि महिला द्वारा प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है। महिला ने शिकायत में उल्लेख किया है कि शादी का वादा करने के बाद युवक अब विवाह से इंकार कर रहा है। कोतवाली प्रभारी ने कहा कि महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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