(बॉक्स) उच्च न्यायालय का आदेश -खंड विकास अधिकारी पहला और पुलिस दोनों की कार्रवाइयों को कानून के प्रावधानों का घोर उल्लंघन माना गया।


सीतापुर। जनपद की सिकंदराबाद शाखा इंडियन बैंक (इलाहाबाद) के प्रबंधक अपनी मनमानी से भ्रष्टाचार की कहानी गढ़ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक ऐसा ही कुछ मामला क्षेत्रीय सतीश यादव की धर्मपत्नी खाता धारक शिव सुंदर कंट्रक्शन  का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। सतीश यादव का कहना है बिना किसी सूचना के अचानक हमारी फर्म के खाते का लेन देन बंद कर दिया गया। जानकारी होने पर मैंने शाखा प्रबंधक से कई बार मुलाकात की लेकिन उन्होंने लेनदेन बंद करने का स्पष्ट कारण नहीं बताया। जिससे मेरा व्यापार मेरे परिवार का जीवन आर्थिक समस्याओं से अस्त-व्यस्त हो गया। काफी हताश होकर मैंने उच्च न्यायालय का सहारा लिया। लगभग 1 महीने बाद उच्च न्यायालय के आदेशानुसार शाखा प्रबंधक को कानून का उल्लंघन करार देते हुए तत्काल खाते को संचालित करने के लिए आदेशित किया गया। उच्च न्यायालय के आदेश को स्वीकार करते हुए। शाखा प्रबंधक ने खाते को पुनः संचालित कर दिया। तत्पश्चात  खाता संचालन के समय शाखा प्रबंधक ने मीडिया बन्धुओं को जवाब देते हुए बताया मैंने खंड विकास अधिकारी पहला एवं थाना अध्यक्ष रामपुर कला के द्वारा लिखित निर्देशानुसार खाते को बंद किया गया था। इससे साफ जाहिर होता है। खाता प्रबंधक बैंक का संचालन अपनी मनमानी तरीके से कर रहे हैं। इससे कोई भी खाता धारक किसी भी समय आर्थिक तंगी का शिकार हो सकता है। प्रशासन को ऐसे गैर जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

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