लव सिंह यादव/अब तक न्याय


*योगी का चाबुक बेअसर: फतेहपुर के संगोलीपुर मड़ैयन घाट पर बालू माफिया का खुला तांडव*

लव सिंह यादव/अब तक न्याय 

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में बालू माफिया का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। किशनपुर थाना क्षेत्र के संगोलीपुर मड़ैयन घाट पर अवैध बालू खनन और ओवरलोडिंग का खेल दिन-रात जोरों पर है। माफिया बेखौफ होकर ओवरलोड ट्रक, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां चलवा रहे हैं, जिससे गांव की सड़कें और गलियां तबाह हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की कार्रवाइयां सिर्फ कागजों तक सीमित हैं, जबकि माफिया खुलेआम सिस्टम को चुनौती दे रहे हैं।

माफिया का अड्डा बना घाट, गांव की गलियां बनी हाईवे - संगोलीपुर मड़ैयन घाट यमुना नदी किनारे स्थित है, जहां से बालू का अवैध उत्खनन बड़े पैमाने पर हो रहा है। पहले मुख्य सड़कों का इस्तेमाल करने वाले माफिया अब गांव की तंग गलियों को ही रूट बना चुके हैं। दिन हो या रात, ओवरलोड वाहनों की लंबी कतारें फर्राटा भरती नजर आती हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इन भारी वाहनों की वजह से सड़कें गड्ढों में बदल गई हैं। कई घरों की दीवारों में गहरी दरारें पड़ गई हैं। रात में कंपन इतनी तेज होती है कि घरों में रखा सामान हिलने लगता है और नींद हराम हो जाती है। "मानो हर रात भूकंप आ रहा हो," एक ग्रामीण ने शिकायत की। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं गलियों में निकलने से डरते हैं, क्योंकि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

प्रशासन बेखबर, माफिया बेखौफ- ग्रामीणों का आरोप है कि खनिज विभाग और पुलिस की मिलीभगत से यह धंधा फल-फूल रहा है। "खाकी और खादी की सह पर मोरम का सिंडिकेट चल रहा है," एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा। एसटीएफ और जिला प्रशासन की छापेमारी की खबरें तो आती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखती। हाल के महीनों में उत्तर प्रदेश में अवैध बालू खनन की शिकायतें बढ़ी हैं।

ग्रामीणों में आक्रोश, चेतावनी दी सख्त कार्रवाई की इलाके के ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द ओवरलोडिंग और अवैध खनन पर रोक नहीं लगी, तो वे सड़कों पर उतरेंगे। "किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा क्या?" एक ग्रामीण ने सवाल उठाया।उत्तर प्रदेश में बालू खनन एक लाभकारी लेकिन विवादास्पद धंधा रहा है। योगी सरकार ने माफिया के खिलाफ सख्ती का दावा किया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर शिकायतें जारी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध खनन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि सड़कों और गांवों की बुनियादी ढांचे को भी तबाह कर रहा है।प्रशासन से उम्मीद है कि इस मामले में तुरंत कार्रवाई होगी, वरना ग्रामीणों का आक्रोश और भड़क सकता है। क्या योगी आदित्यनाथ का माफिया मुक्त यूपी का नारा यहां साकार होगा?

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