श्रीकृष्ण भास्कर सह संपादक अब तक न्याय न्यूज आपको अवगत कराते चलें कि


यूपी बदायूं कस्बा बिसौली में बहुजन समाज पार्टी के पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जिला प्रभारी डॉक्टर क्रांति कुमार जिला कोषाध्यक्ष के के उपाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों से बूथ संगठन को मजबूत बनाने का आहवान किया। के. के. उपाध्याय ने कहा एसआईआर के लिए फॉर्म भरवाने का काम युद्ध स्तर पर करवाने के निर्देश सभी सेक्टरों और बूथों के कार्यकर्ताओं को इस काम में लगाया गया। बहुजन समाज पार्टी आगामी विधान सभा चुनावों को लेकर ही नहीं बल्कि एसआईआर को लेकर भी गंभीर है। एक तरफ मुख्य मंडल प्रभारियों समेत बसपा के बड़े पदाधिकारी लगातार चुनावों की तैयारी को लेकर बैठकें कर रहे हैं तो दूसरी ओर कार्यकर्ताओं को एसआईआर के लिए भी जागरूक कर रहे हैं। पार्टी की तरफ से जिला निर्वाचन कार्यालय को जिले की विधान सभा बिसौली क्षेत्रों के बीएलए की सूची सौंप दी गई है।
आयोजित समीक्षा बैठक के मुख्य अतिथि डॉ क्रांति कुमार ने कहा 
बहन कुमारी मायावती इस बार यूपी चुनाव 2027 से काफी पहले ही सक्रिय हो गई हैं. सूत्रों का दावा है कि मायावती मुख्य किरदार बनकर लौटने की तैयारी कर चुकी हैं.बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती 6 दिसंबर को नोएडा में एक बड़ी रैली करने जा रही हैं. यह दिन बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस के रूप में पूरे देश में मनाया जाता है. ऐसे में मायावती की यह रैली न सिर्फ बाबा साहेब के लिए श्रद्धांजलि होगी, बल्कि आगामी राजनीतिक हलचलों का संकेत भी मानी जा रही है.बहुजन समाज पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इस रैली के जरिए मायावती एक बार फिर अपनी सियासी ताकत का प्रदर्शन करेंगी और विरोधियों को यह संदेश देने की कोशिश करेंगी कि बसपा का कैडर आज भी उनके साथ मजबूती से खड़ा है.पार्टी सूत्रों के मुताबिक मायावती इस बार यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से काफी पहले ही सक्रिय हो गई हैं. अक्टूबर में लखनऊ की रैली और नवंबर में दिल्ली में पांच महत्वपूर्ण बैठकों के बाद अब नोएडा की रैली से वह अपनी जमीन को दोबारा मजबूत करने के मिशन पर हैं. सूत्रों का दावा है कि यह तो अभी बस ट्रेलर है, असली पिक्चर में मायावती मुख्य किरदार बनकर लौटने की तैयारी कर चुकी हैं.ऐसे में 2027 का चुनाव बसपा के लिए अस्तित्व की लड़ाई जैसा माना जा रहा है. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, मायावती अब जमीन पर ज्यादा समय बिताने की तैयारी में हैं।
इससे पहले उन्होंने ऐसा कैंपेन सिर्फ संस्थापक कांशीराम के साथ किया था, जब वह साइकिल से गांव-गांव घूमकर संगठन खड़ा कर रही थे. लंबे समय बाद वह उसी पुराने अंदाज में कार्यकर्ताओं के बीच लौटेंगी. बल्कि कार्यकर्ताओं के साथ दिन-रात गुजारना, उनकी समस्याएं समझना और उनमें जोश भरना होगा.पार्टी की रणनीति है कि 2026 के फरवरी-मार्च से ही लगातार रैलियों का सिलसिला शुरू कर दिया जाए ताकि कोई इलाका उनकी पहुंच से न छूटे. मायावती अब घर–घर संपर्क अभियान पर भी जोर देने की योजना बना रही हैं, ताकि बसपा का मूल वोट आधार फिर से मजबूत हो सके.
नोएडा की यह रैली आने वाले महीनों में बसपा की सक्रिय राजनीति का शुरुआती संकेत मानी जा रही है. सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या 2027 में मायावती दोबारा अपने पुराने प्रभाव के साथ मैदान में दिखाई देंगी। बैठक में मौजूद अजब सिंह शिवा एडवोकेट( विधानसभा प्रभारी), नेत्रपाल धनगढ़ विधानसभा अध्यक्ष बिसौली, शमशाद अली विधानसभा उपाध्यक्ष, विकिंग कुमार शिवा( पूर्व विधानसभा अध्यक्ष), कालीचरण विधानसभा सचिव,ठा सुखपाल, गुड्डू अंबेडकर, विष्णु भारती, अनुराग भारती, एडवोकेट विनय, राजपाल जाटव,सुरेश जाटव, अन्य बसपा के सक्रिय कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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