रिपोर्ट-दीपसिंह कन्नौज पुलिस लाइन में हुई शुक्रवार परेड, एसपी ने ली सलामी
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डौंडीलोहारा की मौन क्रांति वह ख़ामोश हुंकार जिसने पूरे तंत्र को हिला दिया सब-हेडिंग :- प्रेस रिपोर्टर क्लब बालोद के संयोजन में ऐतिहासिक मौन-प्रदर्शन सफलतापूर्वक संपन्न बालोद : छत्तीसगढ़ का बालोद जिला जो हमेशा अपनी शालीनता, सादगी और भाईचारे के लिए पहचाना जाता रहा है, वह 27 नवंबर 2025
डौंडीलोहारा की मौन क्रांति वह ख़ामोश हुंकार जिसने पूरे तंत्र को हिला दिया
- प्रेस रिपोर्टर क्लब बालोद के संयोजन में ऐतिहासिक मौन-प्रदर्शन सफलतापूर्वक संपन्न
बालोद : छत्तीसगढ़ का बालोद जिला जो हमेशा अपनी शालीनता, सादगी और भाईचारे के लिए पहचाना जाता रहा है, वह 27 नवंबर 2025 को लोकतांत्रिक जागृति का अनुपम उदाहरण बन गया। डौंडीलोहारा का चौराहा उस दिन सिर्फ़ भीड़ का स्थल नहीं, बल्कि न्याय की राह देखते हज़ारों दिलों का ख़ामोश मंच बन चुका था।
शिक्षा विभाग में हो रहे मनमाने युक्तियुक्तिकरण व तबादलों पर सवाल, बीईओ हिमांशु मिश्रा पर लगे गंभीर आरोप, और बार-बार की शिकायतों पर प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी—इन सबने जनता के सब्र की आख़िरी सीमा को छू लिया था। फाइलें कार्यालयों में धूल फाँकती रहीं, जवाब का नामोनिशान नहीं रहा, और कानून-कायदों की धज्जियाँ उड़ती देख जनता का धैर्य जवाब दे गया।जब आवाज़ें अनसुनी कर दी गईं, तो लोगों ने नारेबाजी नहीं चुनी, बल्कि मौन को अपना हथियार बनाया। डौंडीलोहारा में हुआ यह मौन-पड़ाव महज़ विरोध नहीं, बल्कि एक गहरा जनतांत्रिक संदेश था कि बिना हिंसा, बिना टकराव, बिना उन्माद के भी जन-शक्ति को जताया जा सकता है।हाथों में पोस्टर थे, चेहरों पर अडिग संकल्प था, और आँखों में सिर्फ़ एक सवाल—इंसाफ़ कब? “इंसाफ़ कब मिलेगा?” और “कानून सबके लिए बराबर क्यों नहीं?” जैसे सवाल बिना लाउडस्पीकर, बिना भाषण के भी उतने ही पैने थे जितने कभी ज़ोरदार नारे हुआ करते हैं।इस पूरे आयोजन की कमान प्रेस रिपोर्टर क्लब, जिला बालोद के हाथों में थी। क्लब ने न सिर्फ़ नेतृत्व किया, बल्कि यह भी प्रमाणित कर दिखाया कि पत्रकारिता केवल समाचार लिखना नहीं, बल्कि समाज को जागृत करना और सत्ता को जवाबदेह बनाना भी है। इस पहल में मधुर साहित्य परिषद बालोद, सर्व अध्यक्ष तहसील इकाई लोहारा, छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा तथा ओबीसी महासभा ने कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। इन संगठनों की एकजुटता ने साफ़ कर दिया कि जब न्याय और पारदर्शिता की बात आती है तो सामाजिक, साहित्यिक और जनजातीय संगठन भी जनता के साथ डटकर खड़े होते हैं।इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन की सबसे बड़ी ख़ासियत यह थी कि इसने पूरे प्रशासन को सोचने पर मजबूर कर दिया। चौराहे से गुज़रता हर व्यक्ति एक ही सवाल सुन रहा था—जीतेगा न्याय या अन्याय? इस आंदोलन में राजनीतिक रेखाएँ मिट गईं और नागरिक एकता सबसे ऊपर नज़र आई। भाजपा, कांग्रेस, आप, जेसीसीजे, बसपा, आदिवासी संगठन, सामाजिक समूह, व्यापारी वर्ग, महिलाएँ, नौजवान और गाँव के लोग—सब बिना किसी दलगत भेदभाव के एक मंच पर बैठे। इससे साबित हो गया कि जब न्याय का सवाल हो तो दल नहीं, जनता मायने रखती है।
सौंपे गए ज्ञापन में चार स्पष्ट माँगें रखी गईं—सभी फाइलें सार्वजनिक हों, निष्पक्ष जाँच समिति बने, समय-सीमा तय हो और हर शिकायत का लिखित जवाब मिले। ये माँगें कोई विद्रोह नहीं, बल्कि लोकतंत्र के बुनियादी हक़ हैं। नियमों का पालन, पारदर्शिता और निष्पक्षता ही किसी भी सत्ता की असली नींव होते हैं। इन्हीं की कमी ने लोगों को सड़क पर बैठने को मजबूर किया।डौंडीलोहारा की यह ख़ामोशी कमज़ोरी की नहीं, सामूहिक इरादे की गूँज थी। बिना बोले भी क्रांति लाई जा सकती है—यही इस प्रदर्शन की सबसे बड़ी शिक्षा है। जब हज़ारों लोग घंटों एक शब्द भी बोले बिना बैठे रहें, तो वह सिर्फ़ विरोध नहीं, सत्ता को दिया गया साफ़ संदेश होता है कि अब जनता जाग गई है और चुप नहीं रहेगी।
अब प्रशासन के पास टालने, बहाने बनाने या खानापूरी की कोई गुंजाइश नहीं बची। जनता ने अपना पक्ष बेहद संयम और सशक्त तरीके से रख दिया है। अगर अब भी कोई ठोस कदम नहीं उठा, तो यह मौन भविष्य में और विशाल जन-गर्जना बनकर उभरेगा। लोकतंत्र में अंतिम अधिकार जनता का होता है और डौंडीलोहारा ने आज यह सत्य फिर सिद्ध कर दिया।27 नवंबर का यह दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया—इस साक्ष्य के साथ कि बदलाव के लिए हमेशा शोर ज़रूरी नहीं; कभी-कभी ख़ामोशी भी सत्ता की जड़ें हिला देने की ताकत रखती है।
ब्यूरो चीफ बालोद जिला छत्तीसगढ़ रोमेद्र कुमार सोनवानी बालोद जिला
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रिपोर्ट-दीपसिंह कन्नौज पुलिस लाइन में हुई शुक्रवार परेड, एसपी ने ली सलामी
लव सिंह यादव/अब तक न्याय
अब तक न्याय ✍️ रिपोर्ट : धर्मेंद्र कुमार, मैगलगंज, खीरी। मैगलगंज कोतवाली में मंगलवार को ज़िम्मेदारी का नया अध्याय शुरू हुआ, जब इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह चौहान ने कोतवाली प्रभारी का कार्यभार विधिवत संभाल लिया। चार्ज ग्रहण समारोह के दौरान पूर्व प्रभारी रविन्द्र पांडेय को सम्मानपूर्वक विदाई
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