बरेली से शिवहरि शर्मा की खास रिपोर्ट।


बरेली भक्तों ने मोक्ष दायनी निर्जला एकादशी का श्रेष्ठ और कठिन उपवास जिसमें ना तो 24 घंटे अन्न ग्रहण किया जाता है और ना ही जल।
आज सुबह 24 घंटे उपरांत ब्रह्म मुहूर्त में भक्तों ने स्नान अधिकारियों से निवृत होकर गरीब भिक्षुक तथा ब्राह्मणों को भोजन वस्त्र फल तथा विजन, छाता, फल भेंट कर निर्जला एकादशी व्रत को सूर्य नारायण को जलदान कर खोला।
राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदु सक्सेना ने एकादशी व्रत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहां के निर्जला एकादशी जिसे कुछ भक्तगण 
भीमसेन एकादशी के नाम से जानते हैं इस व्रत के करने से मनुष्य के समूल पाप नष्ट हो जाते हैं और व्यक्ति को मरने के उपरांत स्वर्ग की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि कहने को तो 1 वर्ष में 24 एकादशी होती हैं। लेकिन यह ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी का अपने में अलग ही महत्व होता है। कहते हैं भगवान के आदेश पर इस व्रत को 24 घंटे बिना अन्न जल ग्रहण किए भीमसेन ने किया था। और उन्हें इस व्रत के प्रभाव से स्वर्ग की प्राप्ति हुई थी।
एकादशी व्रत के अवसर पर आज राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान के पदाधिकारियों ने बरेली में चौपला चौराहा स्थित शिव मंदिर प्रांगण में काउंटर लगाकर रहागीरोंक़ो शरबत पिलाया कर पुण्य अर्जित किया। व्यवस्था में सहयोग राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान के पदाधिकारी में नरेंद्र पाल राजेश कुमार मौर्य जे आर गुप्ता राम किशोर हर्ष शंखधार, राकेश कुमार नीरज शर्मा पूनम गुप्ता रामकिशोर आदि का रहा।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।