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सुलह के नाम पर दबाव, घर में घुसकर धमकी और बेटे को असलहे के बल पर ले जाने का आरोप; दो फरार
गोरखपुर। गैंगरेप के पुराने मुकदमे में सुलह कराने के लिए पीड़िता पर दबाव बनाने, घर में घुसकर धमकी देने और उसके बेटे को कथित तौर पर असलहे के बल पर उठाकर कचहरी ले जाने के मामले में कैंट पुलिस ने नामजद आरोपी शाहिद खान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शाहिद खान पूर्व में एटीएम चोरी के मामले में जेल जा चुका है। वहीं मामले के दो अन्य नामजद आरोपी शाहपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर सतेंद्र शर्मा और जमशेद जिद्दी अभी फरार हैं।
मामले में सामने आए आरोपों ने अपराधियों के दुस्साहस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता का आरोप है कि पुराने गैंगरेप मुकदमे में सुलह कराने के लिए आरोपियों ने पहले उसके घर में घुसकर डराया-धमकाया, फिर कागजों पर जबरन हस्ताक्षर कराए और अगले ही दिन उसके बेटे को असलहे के बल पर अपने कब्जे में लेकर कचहरी पहुंच गए। आरोप है कि वहां पहले से तैयार सुलहनामे पर भी जबरन हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए गए।
पीड़िता की तहरीर के मुताबिक 27 अगस्त 2025 की रात करीब 10:30 बजे सतेंद्र शर्मा, जमशेद जिद्दी, शाहिद खान और दो अज्ञात लोग कथित तौर पर असलहों से लैस होकर उसके घर में घुस आए। आरोप है कि जान से मारने की धमकी देकर सादे कागजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगवाए गए। पीड़िता के गले से सोने की चेन छीनने और पहचान पत्र का फोटो खींचने का भी आरोप है।
इसके अगले दिन 28 अगस्त को आरोपी फिर उसके घर पहुंचे। पीड़िता का आरोप है कि इस बार उसके बेटे के सिर पर असलहा तानकर उसका अपहरण कर लिया गया। बेटे की जान की धमकी देकर पीड़िता को भी कचहरी ले जाया गया, जहां कथित रूप से पहले से तैयार सुलहनामे के दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद दोनों को मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप है।
इस पूरे मामले में नामजद तीनों आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में है। पुलिस रिकॉर्ड में शाहिद खान का पूर्व में एटीएम चोरी के मामले में जेल जाना दर्ज है, जबकि सतेंद्र शर्मा को शाहपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर बताया गया है। ऐसे में पीड़िता की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इन लोगों ने अपराध को ही अपनी गतिविधियों का जरिया बना रखा है। हालांकि, किसी व्यक्ति को अपराधी घोषित करने का अंतिम आधार न्यायिक निर्णय होता है और वर्तमान मामले में लगाए गए आरोपों की विवेचना पुलिस कर रही है।
पीड़िता की तहरीर पर कैंट पुलिस ने अपराध संख्या 0289/2026 दर्ज किया है। मुकदमा भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 333, 109, 352, 308, 310 और 138 के तहत दर्ज किया गया है। शाहिद खान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब फरार सतेंद्र शर्मा और जमशेद जिद्दी की तलाश में जुटी है। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
मामले की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि आरोप सिर्फ धमकी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि महिला के पुराने गैंगरेप मुकदमे में सुलह कराने के लिए कथित तौर पर उसके परिवार को निशाना बनाने से जुड़े हैं। यदि पीड़िता के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह कानून के डर को चुनौती देने वाला गंभीर मामला माना जाएगा।
मंगलवार को जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के दौरान गिरफ्तार शाहिद खान के मोबाइल फोन पर बातचीत करते दिखाई देने की तस्वीरें भी सामने आईं। इसके बाद पुलिस अभिरक्षा में उसकी निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस की मौजूदगी में आरोपी के पास मोबाइल कैसे पहुंचा और वह किससे बातचीत कर रहा था, यह भी चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी कोई स्पष्ट आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब पुलिस के सामने फरार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही घटना की पूरी कड़ी जोड़ने की चुनौती है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित रूप से पीड़िता के घर में घुसने, बेटे को ले जाने और कचहरी में सुलहनामा कराने में कौन-कौन लोग शामिल थे। सुलहनामे के दस्तावेज पहले से तैयार कराने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं, इसकी भी जांच महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल शाहिद खान की गिरफ्तारी से मामले में पुलिस कार्रवाई आगे बढ़ी है, लेकिन सतेंद्र शर्मा और जमशेद जिद्दी की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़िता की ओर से लगाए गए आरोपों की विवेचना जारी है तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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