मथुरा जवाहर बाग को खाली कराने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी की पत्नी अर्चना द्विवेदी पिछले 6 वर्षों से 2 जून को मथुरा के जवाहर बाग आती हैं और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करती हैं। 7 साल पूरे हो जाने के बाद भी जवाहर बाग में नहीं लग सकीं शहीद पुलिस अफसरों की प्रतिमाएं, 2 जून 2016 को हिंसा में गई थी जान शुक्रवार को भी एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी की पत्नी अर्चना व्दिवेदी अपने पति की सातवीं पुण्यतिथि पर मथुरा पहुंचीं और अपने पति को श्रद्धा सुमन अर्पित किया उसके बाद वह उस जगह पर भी गई जहां उनके पति को गोली लगी थी और उन्होंने तत्कालीन एसओ फरह संतोष यादव को भी श्रद्धा सुमन अर्पित किया जवाहर बाग हिंसा को 7 साल हो चुके हैं हिंसा की आग में जले जवाहर बाग की सूरत और सीरत तो सरकार ने बदल दी, लेकिन अभी तक शहीद तत्कालीन एसपी सिटी और एसओ फरह की प्रतिमाएं जवाहर बाग में अभी तक नहीं लग सकीं जबकि 25 जून 2021 को नगर निगम की कैबिनेट में शहीदों की प्रतिमाएं लगाने के प्रस्ताव पर मुहर तक लग चुकी है। 2 जून 2016 को जवाहर बाग को रामवृक्ष यादव के कब्जे से मुक्त कराते हुए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष यादव शहीद हो गए थे। इस हिंसा में 27 लोगों की जानें भी गई थीं। भाजपा ने तत्कालीन सपा की सरकार को जमकर घेरा था। भाजपा की सरकार बनने के बाद नेताओं ने प्रतिमाएं लगाने का एलान किया था। जवाहर बाग को विकसित करने के लिए 14 करोड़ रुपये भी खर्च किए हैं। लेकिन अभी तक प्रतिमाएं नहीं लगीं हैं। शहीद एसपी सिटी की पत्नी हर वर्ष आती हैं घटनास्थल पर शहीद हुए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी की पत्नी अर्चना द्विवेदी पिछले 6 साल से अपने पति की पुण्यतिथि पर उनकी घटनास्थल पर पुष्प अर्पित करने के लिए मथुरा आती हैं। और वही मथुरा पुलिस लाइन में भी तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी ,और एस ओ फरह संतोष यादव को पुलिस महानिरिक्षक आगरा एवं मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडे व मथुरा पुलिस विभाग के अधिकारी व कर्मचारी द्वारा 2 मिनट का मौन रखकर दोनों शहीद पुलिस अफसरों को सिद्ध सुमन अर्पित की गई
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