एक युवा जिसकी सादगी लोगों के दिलों पर छा गयी ...
एक युवा जिसकी सादगी लोगों के दिलों पर छा गयी ...
एसडीएम सदर मऊ हेमंत चौधरी क्षेत्राधिकारी घोसी उमाकांत उत्तम मौके पर मौजूद रहे
अफज़ल गनी की रिपोर्ट ब्लॉक
कोपागंज से जनपद मऊ
एसडीएम सदर मऊ हेमंत चौधरी क्षेत्राधिकारी घोसी उमाकांत उत्तम मौके पर मौजूद रहे
शासन का असर प्रशासन का जादू
जनपद मऊ के कोपागंज में देखने को मिला
कोपागंज मऊ - गजब का अक़ीदा।
अकीदत का अलग अंदाज। भावनाओ का सैलाब व फिजा में गूजती या मौला या हुसैन की तेज सदा और खुद के दामन पर कामा एवं जंजीर ही नहीं चाकू से वार नतीजा लहू से दामन हुआ सरावोर ना बहते लहू की चिंता न चेहरे पर दर्द के निशान। नगर के कोपागंज में शिया समुदाय द्वारा रविवार को चेहल्लुम का जुलूस पारंपरिक ढंग से इस बड़ी सादगी के साथ निकाला गया। इमाम की शहादत को याद कर युवाओं ने जंजीर का मातम भी किया। इस दौरान पूरा इलाका या हुसैन मज़लूम हुसैन की सदा से गूंज उठा । यह जुलुस देर शाम गंजशहीदा स्थित कर्बला में पहुंचा। इस दौरान थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्रा व एसआई गंगासागर मिश्रा कस्बा इंचार्ज ज्ञान प्रकाश यादव अन्य पुलिस के जवान भारी संख्या में सुरक्षा की कमान संभाले हुए थे।
इस जुलूस का आगाज़ चौक न० 1 फुलेल पूरा मौलाना हसन रज़ा साहब ( इमाम जुमा व जमात ) की दिल सोज़ तक़रीर से हुआ उन्होंने इमाम हुसैन अस की बहन जनाब-ए ज़ैनब स.अ. की मज़लूमी बयान करते हुए कहा कि इमाम हुसैन अस० की शहादत के बाद जिस तरह से उन्होंने जुल्म का सामना किया छोटे छोटे बच्चों केजीवन की सुरक्षा की और जब कैद से आजादी मिली है तो सबसे पहले अपने भाई का मातम कर के चेहलूम मनाया है ।
यह जुलूस अपने परम्परागत रास्तों से चमन रोड होता हुआ ताजिया न० 2 के जुलूस से मिलता हुआ मच्छर घट्टे पहुचता है जहा ताजिया न० 4,5, का जुलूस बाज़िद्पुरा इमाम चौक से आकर मिलता है यहाँ पर शहर की सभी अंजुमनों ने अपने मखसूस अंदाज़ नौहा व मातम किया उसके बाद यह जुलूस हनुमान चौक होता हुआ मौलाना हसन रज़ा इमाम जुमा , अशफाक हसनैन कर्रार अली, असद रज़ा एवं आदि ताजियादारों की निगरानी में अपने क़दीमी रास्तों से गंजशहीदा पुराने कोपा कर्बला में शाम को प्रशासन की कड़ी सुरक्षा में दफ्न हुआ । कोपागंज चौक पर मौलाना इमाम हसन रजा जुम्मा ए नमाज ने तक़रीर की उन्होंने कर्बला की तारीख पर रोशनी डालते हुए कहा कि दुनिया में इमाम हुसैन का वाहिद ऐसा नाम है जिसे मानने के लिए किसी मज़हब की कैद नही है इमाम हुसैन किसी मज़हब के नही बल्कि इंसानियत के रहनुमा हैं
इस मौके पर मौलाना हसन रज़ा, मौलाना मो० तकी , मौलाना हैदर रज़ा , मौलाना डॉ. मुन्तज़िर मेहदी,असद रज़ा ,हाजी सकलैन, सकलैन हैदर, अहमद अली, डॉ सलमान., कर्रार अली , बाक़र रज़ा शिबू, जर्रार अली, आबिद हुसैन, अली रज़ा, जमील असग़र गुड्डू, जावेद अली, के अलावा अत्यधिक तादाद में छोटे छोटे बच्चे भी थे जो इमाम हुसैन के बच्चों का चेहलुम मनाने के लिए आये थे । इस दौरान थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्रा व एसआई गंगासागर मिश्रा कस्बा इंचार्ज ज्ञान प्रकाश यादव के
अलावा अन्य पुलिस के जवान जुलुस उठने से लेकर कर्बला तक सुरक्षा की कमान संभाले हुए थे।
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