लखनऊ। दीपावली का त्योहार महिलाओं के लिए भी रोजगार और स्वरोजगार के अवसर लेकर आया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं मिट्टी के दीये, सजावटी सामान, मोमबत्तियां, पूजा सामग्री और उपहार पैक तैयार कर रही हैं।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छोटे घरेलू उद्योगों के माध्यम से तैयार किए गए उत्पादों की बाजार में मांग देखी जा रही है। कई महिलाएं अपने उत्पादों को स्थानीय बाजारों, मेलों और सोशल मीडिया के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंचा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के दौरान स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता मिलने से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ सकती है। महिलाओं को प्रशिक्षण, बाजार और उचित मूल्य उपलब्ध कराने की जरूरत भी महत्वपूर्ण है।
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