चित्रकूट -भव्य शोभा यात्रा के साथ शुरू हुआ दो दिवसीय लक्ष्मी साधना शिविर


चित्रकूट 24 अक्टूबर 2026

चित्रकूट -भव्य शोभा यात्रा के साथ शुरू हुआ दो दिवसीय लक्ष्मी साधना शिविर

अब तक टीवी चैनल ब्यूरो चीफ चित्रकूट शिवसंपत करवरिया 

जनपद चित्रकूट राष्ट्रीय रामायण मेला परिसर, सीतापुर में दो दिवसीय जागृत लक्ष्मी साधना शिविर शनिवार से शुरू हो गया। शनिवार दोपहर शिविर स्थल पर पूज्य गुरुदेव नंदकिशोर श्रीमाली जी का उद्बोधन कार्यक्रम हुआ। उन्होंने अपने उद्बोधन में चित्रकूट की महिमा का बखान करते हुए कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा के महत्व पर प्रकाश डाला। गुरुदेव ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम, लक्ष्मण, सीता सहित भरत और शत्रुघ्न जी के रामचरितमानस में वर्णित प्रसंगों का जिक्र किया और रामभक्त हनुमान की महिमा और सेवा भाव का विस्तार से वर्णन किया। शनिवार शाम 5 बजे हाथी घोड़ा और गाजे बाजे के साथ रामघाट से गंगा पूजन के पश्चात कलश में जल भरकर निर्मोही अखाड़ा से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। सबसे आगे गुरु भाई शिविर का बैनर लेकर निकले इसके पीछे हाथी घोड़े और वाद्य यंत्र बजता रहा। ठीक इसके पीछे पूज्य गुरुदेव श्री नंदकिशोर श्रीमाली जी बग्घी में विराजमान रहे। कलश यात्रा रामघाट निर्मोही अखाड़ा से शुरू होकर रामायण मेला परिसर तक पहुंची। इसके बाद गुरु पूजन और दीक्षा कार्यक्रम शुरू हुआ। शिविर में साधकों को महाकाली दीक्षा, सर्व बाधा निवारण हनुमान दीक्षा और जागृत महालक्ष्मी दीक्षा प्रदान की जाएगी। कुछ दीक्षाएं शक्तिपात के माध्यम से दी जाएंगी। शिविर में देशभर से पहुंचे हजारों साधक शामिल हो रहे हैं।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Bhanu Pratap Dixit

अब तक टीवी न्यूज़ चैनल

भानु प्रताप दीक्षित अबतक टीवी के ऑफिस में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे सीनियर को-एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारियाँ निभा रहे हैं।

Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।