ऑपरेशन मुस्कान के तहत मिशन शक्ति टीम ने दिखाई मानवता, पहचान से लेकर गुवाहाटी के वन स्टॉप सेंटर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाई
आमोद कुमार 
बांदा। खाकी की पहचान सिर्फ अपराधियों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि संकट में फंसे लोगों के लिए सुरक्षा और सहारे की उम्मीद भी है। बदौसा थाना क्षेत्र में पुलिस ने इसी मानवीय जिम्मेदारी का परिचय देते हुए मानसिक रूप से कमजोर और भटकी हुई असम की महिला को सुरक्षित संरक्षण दिलाया और उसे गुवाहाटी स्थित वन स्टॉप सेंटर के सुपुर्द किया।पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर को ग्राम महुराई में रेलवे पटरी के किनारे एक महिला के संदिग्ध परिस्थितियों में घूमने की सूचना मिली थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए बदौसा थाने की मिशन शक्ति टीम तत्काल मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर वन स्टॉप सेंटर बांदा पहुंचाया। महिला अपना नाम-पता बताने में असमर्थ थी और मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रही थी।महिला की पहचान सुनिश्चित करना पुलिस के सामने चुनौती थी। टीम ने उसकी तस्वीर विभिन्न व्हाट्सएप समूहों में साझा करने के साथ अन्य माध्यमों से भी जानकारी जुटाने के प्रयास किए। लगातार प्रयासों के बाद महिला ने अपना नाम रूपाली, पति का नाम अमरेती और पिता का नाम अनिराम बताते हुए असम के धेमाजी जिले के चिमान चोकरे का निवासी होना बताया। इसके आधार पर उसकी पहचान सुनिश्चित की गई।इसके बाद पुलिस टीम ने महिला की सुरक्षा और देखभाल को प्राथमिकता देते हुए उसे गुवाहाटी के वन स्टॉप सेंटर पहुंचाकर सुपुर्द किया। केंद्र द्वारा महिला के परिजनों से संपर्क कर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष राजेश कुमार मौर्य, उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार, कांस्टेबल आलोक यादव तथा महिला कांस्टेबल निशा चौहान, आरती पटेल और सोनम शामिल रहीं।
यह कार्रवाई बताती है कि किसी भटके और असहाय व्यक्ति की मदद करना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। समय पर मिली सहायता किसी की जिंदगी को नया सहारा दे सकती है।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।