सड़क हादसों पर आयुक्त की दो टूक—कागजी खानापूर्ति नहीं चलेगी
आमोद कुमार 
बांदा। सड़क हादसे महज आंकड़े नहीं, बल्कि हर दुर्घटना के पीछे बिखरता एक परिवार हैं। इसके बावजूद यदि सड़क की खामियां, वाहनों की खराब फिटनेस और यातायात नियमों की अनदेखी हादसों का कारण बनती रहे तो जिम्मेदारी तय करना भी जरूरी है। मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल अजीत कुमार ने अधिकारियों को इसी जिम्मेदारी का एहसास कराते हुए साफ कर दिया कि सड़क सुरक्षा के नाम पर अब कागजी खानापूर्ति नहीं चलेगी।आयुक्त कार्यालय सभागार में हुई बैठक में दुर्घटनाओं, मृतकों-घायलों और प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा की गई। हेलमेट, सीट बेल्ट, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने, नशे में ड्राइविंग और ओवरस्पीडिंग के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।हमीरपुर, महोबा, बांदा और तिंदवारी-फतेहपुर मार्ग समेत चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर सुधार कार्य बरसात समाप्त होने का लाभ उठाकर तय समय से पहले पूरा कराने को कहा गया। चारों जिलों के ब्लैक स्पॉट का संयुक्त निरीक्षण कर खामियों को दूर करने के भी निर्देश दिए गए।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है। प्रत्येक विद्यालय में परिवहन सुरक्षा समिति गठित करने, स्कूली वाहनों में अटेंडेंट और बालिकाओं के परिवहन में महिला अटेंडेंट की मौजूदगी अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। चालकों का पुलिस सत्यापन और कार्रवाई की प्रमाणित रिपोर्ट भी मांगी गई है। नियमों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई होगी।फिटनेस समाप्त वाहनों, ओवरलोड माल वाहनों, धुंधली अथवा अमान्य नंबर प्लेट और बिना एचएसआरपी वाले वाहनों के खिलाफ प्रवर्तन तेज करने के निर्देश दिए गए। फिटनेस समाप्त एंबुलेंस के मरीजों के परिवहन में इस्तेमाल पर भी आरटीओ को जांच और कार्रवाई के लिए कहा गया।
बैठक में हादसे के बाद जिंदगी और मौत के बीच दौड़ती एंबुलेंस के रिस्पांस टाइम को अधिकतम 15 मिनट रखने पर विशेष जोर दिया गया। गुड सेमेरिटन योजना के तहत दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले लोगों को चिन्हित कर सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर सीसीटीवी, स्पीड कैमरा, रेस्ट एरिया, रिफ्लेक्टर टेप और आवश्यक संकेतकों की व्यवस्था की समीक्षा हुई। सड़क किनारे अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और विद्यालयों के आसपास यातायात बाधित करने वाली दुकानों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मार्गों पर कम से कम 500 वर्गमीटर के होल्डिंग एरिया में पानी, शौचालय और पुलिस पिकेट जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।
आयुक्त अजीत कुमार ने स्पष्ट किया कि हादसे रोकने के लिए सिर्फ चालान की गिनती बढ़ाना समाधान नहीं है। सड़क की तकनीकी खामियां, वाहन फिटनेस, चालक का स्वास्थ्य, स्कूली वाहनों की सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा—हर कड़ी मजबूत करनी होगी। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम कर सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाने के निर्देश दिए।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।