शिक्षक राष्ट्र निर्माण के सबसे महत्वपूर्ण आधार स्तंभ जिलाधिकारी
अब तक न्याय अनुराग सागर
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर सीता ग्रुप ऑफ एजूकेशन में भव्य सम्मान समारोह, 342 शिक्षक-शिक्षिकाएं व समाजसेवी सम्मानित
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर सीता ग्रुप ऑफ एजूकेशन में भव्य सम्मान समारोह, 342 शिक्षक-शिक्षिकाएं व समाजसेवी सम्मानित
रिपोर्ट सुधीर वर्मा अब तक न्याय
महमूदाबाद, सीतापुर।
शास्त्रों में गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश से भी ऊपर परब्रह्म के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। विद्यार्थी देश के भविष्य होते हैं और इस भविष्य को संवारने एवं राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव तैयार करने में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि उनके व्यक्तित्व में नैतिकता, संस्कार, सामाजिक चेतना, कर्तव्यबोध और जिम्मेदारी की भावना का भी विकास करता है। एक आदर्श शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को तराशने वाले कुशल शिल्पकार की भूमिका निभाता है।
उक्त विचार मौलाना आजाद महाविद्यालय के संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप वर्मा ने सीता ग्रुप ऑफ एजूकेशन के शास्त्री सभागार में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित भव्य सम्मान समारोह में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि शिक्षक का दायित्व विद्यार्थियों को केवल शिक्षित करना नहीं, बल्कि उन्हें संस्कारी, चरित्रवान और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। शिक्षक अपने ज्ञान और अनुभव से विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा प्रदान करता है, जिसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज और राष्ट्र पर पड़ता है।
शिक्षक जीवनभर सीखता और विद्यार्थियों को निखारता है
कार्यक्रमाध्यक्ष पूर्व शिक्षक एवं संघ के राजाराम यादव ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान देने के साथ-साथ नैतिकता, कर्तव्यपरायणता और सजगता का पाठ पढ़ाकर उन्हें देश का सुयोग्य नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी का संबंध केवल विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह जीवनभर मार्गदर्शन और सीखने-सिखाने का रिश्ता है।
जूनियर शिक्षक संघ पहला के अध्यक्ष डॉ. हरिनाम यादव ने कहा कि प्राचीन काल से ही गुरु और शिष्य के बीच अटूट संबंध रहा है। सीखने की कोई उम्र नहीं होती। एक शिक्षक स्वयं भी जीवनभर सीखता रहता है और अपने अर्जित ज्ञान, अनुभव एवं संस्कारों से नई पीढ़ी को निखारने का कार्य करता है।
संस्था के चेयरमैन आरके वाजपेयी विरल ने कहा कि शिक्षक वह व्यक्तित्व है, जो अपने विद्यार्थियों को सदैव आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। शिक्षक विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा देने का कार्य करता है। उन्होंने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं समाजसेवियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए बधाई दी।
दीप प्रज्वलन एवं गुरु वंदना से हुआ शुभारंभ
समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर तथा मां शारदे, भगवान श्रीकृष्ण, भारत माता एवं पूर्व राष्ट्रपति व महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्रों पर माल्यार्पण कर किया गया। कॉलेज की छात्राओं ने मां शारदे की वंदना एवं गुरु वंदना की मनमोहक प्रस्तुति देकर वातावरण को भावपूर्ण बना दिया।
इसके बाद सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। सीता ग्रुप ऑफ एजूकेशन के चेयरमैन आरके वाजपेयी, डिप्टी मैनेजर आंजनेय आशीष, वागीश दिनकर वाजपेयी, जूनियर वर्ग के प्रबंधक रमेश वर्मा, क्वाआर्डीनेटर ऋतुजा वाजपेयी, प्रधानाचार्य अजय कृष्ण आनंद एवं पूर्व उप प्रधानाचार्य आरजे वर्मा ने मुख्य अतिथि सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं समाजसेवियों का माल्यार्पण कर सम्मान किया। सम्मानितजनों को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का चित्र एवं पुरस्कार भेंट कर उनके योगदान को सराहा गया।
342 शिक्षक-शिक्षिकाओं व समाजसेवियों का हुआ सम्मान
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस विशेष सम्मान समारोह में परिषदीय विद्यालयों, इंटर कॉलेजों, शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों के साथ-साथ सीता ग्रुप ऑफ एजूकेशन की विभिन्न शाखाओं के प्रधानाचार्यों, उप प्रधानाचार्यों, विभाग प्रमुखों सहित कुल 342 शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।
सम्मान पाने वालों में अनूप सूरज, शैलेंद्र वर्मा, अजय मिश्र, कृष्ण मुरारी अवस्थी, शोभित वर्मा, ज्ञानेश मिश्र, अशेष ईशान, उमेश वर्मा, अनुपम वर्मा, पवन वर्मा, रवि मिश्र, रोहित वर्मा, प्रभात श्रीवास्तव, अर्चना वर्मा, प्राची दीक्षित, अंकिता गुप्ता, अनुपम सिंह, सतीश सोनी, रवि गुप्त, कमल पुष्प, दुर्गेश मिश्र, आनंद शुक्ल, अशोक वर्मा, खालिद खां, शिवम वर्मा, नरेंद्र यादव, अर्णव शुक्ल, सर्वेश वर्मा, मृत्युंजय एवं विराट सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं समाजसेवी शामिल रहे।
सम्मान समारोह को लेकर शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं उपस्थित अतिथियों में खासा उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का संचालन यशपाल वर्मा ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं, शिक्षाविद्, समाजसेवी, विद्यालय प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।
अब तक न्याय अनुराग सागर
विधायक आशा मौर्य ने कहा—शिक्षित समाज ही देश की तरक्की का आधार
आमोद कुमार
Leave a Comment: