मासिक लेक्चर सीरीज के माध्यम से, सुप्रीम कोर्ट कानून और न्याय के भविष्य को आकार देने वाले मुद्दों पर गहन कानूनी चिंतन, सार्थक संवाद और व्यापक भागीदारी को बढ़ावा देना चाहता है.


सुप्रीम कोर्ट कानून, न्याय और कानूनी शिक्षा पर एक मासिक लेक्चर सीरीज शुरू करने जा रहा है. इसका मकसद कानूनी सिस्टम और समाज से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर चर्चा के लिए एक रेगुलर मंच बनाना है. इस पहल की घोषणा सीजेआई सूर्यकांत ने शनिवार को शिक्षक दिवस के मौके पर की. उन्होंने कहा कि यह सीरीज एक जरूरी विचार, हर महीने, थीम पर आधारित होगी.

 


सीजेआई ने कहा कि हर सेशन में किसी जाने-माने कानून विशेषज्ञ, विद्वान, कानूनी शिक्षाविद या अपने क्षेत्र के एक्सपर्ट का खास लेक्चर होगा. लेक्चर के बाद आइडियाज डायलॉग होगा, जिसमें चुने हुए युवा वकील, लॉ के छात्र और रिसर्चर चर्चा में हिस्सा ले सकेंगे और सवाल पूछ सकेंगे.

क्या है इस फॉर्मेट का मकसद?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस फ़ॉर्मेट का मकसद पारंपरिक लेक्चर से आगे बढ़कर, स्थापित कानूनी संस्थानों और कानूनी समुदाय की युवा पीढ़ी के बीच सार्थक बातचीत को बढ़ावा देना है. इस पहल से समकालीन कानूनी विचारों का एक स्थायी संग्रह भी तैयार होगा.

 


कार्यक्रम को किया जाएगा लाइव-स्ट्रीम

इन लेक्चर्स को पेशेवर तरीके से रिकॉर्ड करने और उनके साथ एडिट किए गए ट्रांसक्रिप्ट और संक्षिप्त आइडिया पेपर्स उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है. कार्यक्रम की कार्यवाही को लाइव-स्ट्रीम भी किया जाएगा और देश भर के कानूनी और शैक्षणिक समुदाय तक इसकी पहुंच बढ़ाने के लिए भारतीय भाषाओं में सारांश उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है.

शिक्षा से संबंधित सवालों पर विचार

यह पहल ऐसे समय में आई है जब सुप्रीम कोर्ट कानूनी और शिक्षक शिक्षा से संबंधित सवालों पर भी विचार कर रहा है. इस हफ्ते की शुरुआत में, शीर्ष न्यायालय ने शिक्षक शिक्षा संस्थानों को वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए बाध्य करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद के नियामक अधिकार को बरकरार रखा, जो शिक्षक शिक्षा में मानकों और जवाबदेही के महत्व को रेखांकित करता है.

स्थायी संस्थागत परंपरा का निर्माण

मासिक लेक्चर सीरीज के माध्यम से, सुप्रीम कोर्ट कानून और न्याय के भविष्य को आकार देने वाले मुद्दों पर गहन कानूनी चिंतन, सार्थक संवाद और व्यापक भागीदारी को बढ़ावा देना चाहता है, साथ ही व्याख्यानों, चर्चाओं और प्रकाशनों की एक स्थायी संस्थागत परंपरा का निर्माण करना चाहता है.

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।