बाजार में मिलावटखोरों का कारोबार लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करता नजर आया।


आमोद कुमार 
बांदा। रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व पर जब भाई-बहन के रिश्तों में मिठास घुलनी चाहिए, तब बाजार में मिलावटखोरों का कारोबार लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करता नजर आया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई ने त्योहार की चमक के पीछे छिपे उस काले सच को उजागर किया है, जहां मुनाफे के लिए गुणवत्ता और स्वास्थ्य को ताक पर रखने से भी परहेज नहीं किया जा रहा।
विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कचहरी तिराहा के पास पिकअप वाहन से मिठाई बेचते एक व्यक्ति को पकड़ा। जांच में मिठाई को महोतरा रोड स्थित निर्माण प्रतिष्ठान से लाया जाना बताया गया। टीम ने डोडा बर्फी और दूध बर्फी के नमूने लिए और करीब 20 किलो मिठाई मौके पर ही नष्ट करा दी। यह कार्रवाई केवल कुछ किलो मिठाई के नष्ट होने की कहानी नहीं, बल्कि उस मानसिकता पर तमाचा है जिसमें ग्राहक की थाली को मुनाफे की प्रयोगशाला समझ लिया जाता है।इसी अभियान में अवधी नगर स्थित आराधना एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड के भंडार गृह से खुले सरसों के तेल का नमूना लिया गया। करीब 103 किलो खुले तेल के सात टीन, जिसकी अनुमानित कीमत 18,540 रुपये थी, सीज किए गए। सवाल सीधा है—जिस तेल को लोगों के घरों की रसोई तक पहुंचना था, उसकी गुणवत्ता पर सवाल क्यों खड़ा हुआ? आखिर खाद्य पदार्थों के नाम पर बाजार में ऐसा जोखिम कब तक चलता रहेगा?खाद्य विभाग ने विभिन्न मिष्ठान प्रतिष्ठानों और भंडार गृहों का निरीक्षण भी किया। वहीं, कैथी बाजार खोया मंडी से पूर्व में जब्त 20 किलो खोया व्यापारी द्वारा नहीं ले जाने पर नष्ट कराया गया। कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठान संचालकों को मिलावट रहित खाद्य पदार्थ बेचने और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।त्योहारों के मौसम में मिलावटखोरी सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि लोगों के भरोसे के साथ विश्वासघात है। मिठाई के डिब्बे में अगर मिलावट परोसी जा रही है तो उसके साथ परिवारों की सेहत भी दांव पर लगती है। विभाग की कार्रवाई जरूरी है, लेकिन उससे बड़ा सवाल यह है कि मिलावटखोरों में कानून का भय कब स्थायी होगा?
रक्षाबंधन पर बहन भाई की कलाई पर सुरक्षा का धागा बांधती है, लेकिन बाजार में बिकती मिलावटी मिठाई उस भरोसे पर ही सवाल खड़ा कर देती है। इसलिए जरूरत केवल छापेमारी की नहीं, बल्कि ऐसी कठोर और निरंतर कार्रवाई की है कि मिलावट का धंधा करने वालों के लिए मुनाफे की जगह कानून का डर दिखाई दे।

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Rajesh Kumar Siddharth

अब तक इंडिया लाइव न्यूज़ चैनल

राजेश कुमार सिद्धार्थ अबतक मीडिया ग्रुप के संपादक-इन-चीफ हैं, जिन्हें 25 वर्षों से अधिक का पत्रकारिता जगत में अनुभव प्राप्त है, और जो अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से अबतक मीडिया ग्रुप

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