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न्याय दिलाने और हर संभव मदद का दिया भरोसा
रिपोर्ट सुधीर वर्मा अब तक न्याय
रिपोर्ट सुधीर वर्मा अब तक न्याय
सीतापुर/महमूदाबाद। महमूदाबाद थाना क्षेत्र में 3 जुलाई 2026 की शाम हुई मनोज शुक्ला की निर्मम हत्या का पुलिस ने मात्र कुछ ही दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस की जांच में जो खुलासा हुआ, वह बेहद चौंकाने वाला है। हत्या की साजिश किसी और ने नहीं, बल्कि एक नर्स ने अपने उत्पीड़न से तंग आकर रची थी, जिसके लिए उसने 50 हजार रुपये की सुपारी दी थी। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता नर्स समेत तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
अस्पताल में काम करने वाली नर्स ने रची खौफनाक साजिश
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी राजू ने बताया कि हत्या की साजिश फतेहपुर के न्यू हिन्द हॉस्पिटल में कार्यरत नर्स जय देवी उर्फ जया ने रची थी। मृतक मनोज शुक्ला लगातार अस्पताल और जय देवी के खिलाफ झूठी शिकायतें (IGRS आदि) दर्ज कराकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था और नौकरी से निकलवाने की धमकी दे रहा था। इस प्रताड़ना से आजिज आकर जय देवी ने मनोज को रास्ते से हटाने के लिए राजू को उसकी फोटो दी और 50,000 रुपये की सुपारी तय की।
वारदात के बाद WhatsApp पर दी ‘काम पूरा होने’ की सूचना
साजिश के तहत 3 जुलाई 2026 की रात, राजू और विनोद ने बरदही बाजार के पास घात लगाकर मनोज शुक्ला को रोका और डंडों से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद अभियुक्तों ने जय देवी को व्हाट्सएप पर वॉयस मैसेज भेजकर काम पूरा होने की जानकारी दी। इसके बाद वे जय देवी के गांव पहुंचे, जहां उसने उन्हें 30,000 रुपये दिए और शेष 20,000 रुपये बाद में देने का वादा किया।
पुलिस ने बरामद किया हत्या में प्रयुक्त आला-कत्ल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर पैंतेपुर नहर पटरी की झाड़ियों से घटना में प्रयुक्त आला-कत्ल (डंडा) बरामद कर लिया है। साथ ही, अभियुक्त राजू ने सुपारी की रकम में से 12,500 रुपये का एक नया पोको मोबाइल भी खरीदा था, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्यवाही के बाद माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई
इस मामले के अनावरण में थाना महमूदाबाद के प्रभारी निरीक्षक भानु प्रताप सिंह, अपराध निरीक्षक दयाशंकर, उपनिरीक्षक फूलचन्द्र सरोज, उपनिरीक्षक विनोद कुमार गिरि और उनकी टीम के हेड कांस्टेबल विशाल गुप्ता, कांस्टेबल चन्द्र प्रकाश, टीकम सिंह, दीपक कुमार, दीपक गुर्जर, महिला कांस्टेबल मोना यादव, सीमा देवी तथा चालक ब्रजेश पाण्डेय की अहम भूमिका रही। साथ ही, इस सफल ऑपरेशन में एसओजी टीम के निरीक्षक सत्येंद्र विक्रम सिंह और उप निरीक्षक अरविंद शुक्ला का भी विशेष सहयोग रहा।
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न्याय दिलाने और हर संभव मदद का दिया भरोसा
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