व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के दिए निर्देश रिपोर्टर – विनोद कुमार | सिधौली, सीतापुर


जनपद सीतापुर में संचालित गौशालाओं की व्यवस्थाओं को परखने तथा गोवंशों के संरक्षण की स्थिति का जायजा लेने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने शुक्रवार को विकास खण्ड कसमण्डा की ग्राम पंचायत अलोइया स्थित श्री कान्हा अस्थाई गौशाला तथा ग्राम पंचायत रेउरी स्थित भारत अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौशालाओं में रह रहे गोवंशों के लिए उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी सुबह सबसे पहले ग्राम पंचायत अलोइया स्थित श्री कान्हा अस्थाई गौशाला पहुंचे। यहां उन्होंने गोवंशों की संख्या, उनके रखरखाव, साफ-सफाई, भोजन एवं पेयजल की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौशाला परिसर में घूमकर विभिन्न व्यवस्थाओं को देखा और कर्मचारियों से नियमित देखभाल के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि गोवंशों को समय से हरा चारा, भूसा तथा स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौशाला में मौजूद पशुओं की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि बीमार अथवा कमजोर गोवंशों की पहचान कर उनका तत्काल उपचार कराया जाए। इसके साथ ही पशु चिकित्सकों द्वारा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप गोवंशों की सुरक्षा एवं संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके बाद जिलाधिकारी ग्राम पंचायत रेउरी स्थित भारत अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल पहुंचे। यहां भी उन्होंने व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए चारा भंडारण, पानी की उपलब्धता तथा स्वच्छता व्यवस्था की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कुछ स्थानों पर साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाए जाने की आवश्यकता है, जिस पर संबंधित कर्मचारियों को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि गौशाला परिसर में नियमित साफ-सफाई अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि स्वच्छ वातावरण में ही गोवंश स्वस्थ रह सकते हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोवंशों के लिए पर्याप्त मात्रा में हरा चारा एवं भूसे का भंडारण सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी भी परिस्थिति में भोजन की कमी न होने पाए। उन्होंने यह भी कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए पानी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना आवश्यक है। इसके लिए पानी की टंकियों की नियमित सफाई एवं भराव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौशालाओं के संचालन से संबंधित अभिलेखों का भी अवलोकन किया। उन्होंने गोवंशों की संख्या, मृत्यु दर, स्वास्थ्य परीक्षण एवं चारे की उपलब्धता से जुड़े रजिस्टरों की जांच की तथा अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी व्यवस्थाएं पारदर्शी एवं व्यवस्थित होनी चाहिए ताकि शासन स्तर पर मांगी जाने वाली सूचनाएं समय से उपलब्ध कराई जा सकें।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि गौशालाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए और वहां की व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि गोवंशों के संरक्षण के लिए शासन द्वारा पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, इसलिए यह सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है कि उन संसाधनों का सही उपयोग हो।
उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि गौशालाओं में रहने वाले गोवंशों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए और उनकी देखभाल में किसी प्रकार की कमी न रखी जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि गौ संरक्षण केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व भी है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि गौशालाओं में पौधरोपण एवं छायादार स्थानों की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाए, ताकि गर्मी के मौसम में गोवंशों को राहत मिल सके। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए जल निकासी की उचित व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर ली जाए, जिससे गौशाला परिसर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से यह भी कहा कि गौशालाओं में नियमित रूप से निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की जाए और यदि किसी प्रकार की समस्या सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान कराया जाए। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर गौ संरक्षण को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है और जनपद स्तर पर भी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता है।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी, पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारी, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने अंत में सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप गौशालाओं की सभी व्यवस्थाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं, ताकि गोवंशों के संरक्षण एवं देखभाल में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए।

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