बांदा, 07 अप्रैल 2026:


बांदा, 07 अप्रैल 2026:
चित्रकूटधाम मण्डल के आयुक्त अजीत कुमार ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट कर दिया कि ई-ऑफिस,आरटीआई और जनसुनवाई के मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मण्डलीय अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में आयुक्त ने ई-ऑफिस प्रणाली के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन पर बल देते हुए निर्देश दिए कि कार्यालयों में ऑफलाइन पत्रावली का प्रयोग पूरी तरह समाप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था न केवल कार्य की गति बढ़ाती है, बल्कि पारदर्शिता और उत्तरदायित्व भी सुनिश्चित करती है।ऑनलाइन जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने यह स्पष्ट किया कि केवल औपचारिक निस्तारण पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक संतुष्टि ही प्रशासन की सफलता का मानदंड है। नकारात्मक फीडबैक को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए।आरटीआई आवेदनों के संदर्भ में आयुक्त ने समयसीमा के भीतर सुसंगत एवं नियमसम्मत सूचना उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अनावश्यक विलंब या अपूर्ण जानकारी देने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।राजस्व वादों की समीक्षा में आयुक्त ने लंबित प्रकरणों पर चिंता व्यक्त करते हुए धारा-वार शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न केवल प्रशासनिक अक्षमता को दर्शाती है, बल्कि आमजन के विश्वास को भी कमजोर करती है।आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि उच्च स्तर से प्रेषित शिकायतों की आख्या समय पर प्रस्तुत करना अनिवार्य है। इसमें लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध उत्तरदायित्व निर्धारित कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अंततः आयुक्त ने सभी अधिकारियों को नियमित अनुश्रवण, लंबित मामलों की प्राथमिकता तय करने और जनहित से जुड़े विषयों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी प्रशासन स्थापित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है—और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई अब स्वीकार्य नहीं होगी।

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