“अब नहीं चलेगा टालमटोल”—जिलाधिकारी का सख्त अल्टीमेटम, मौके पर निस्तारण से अफसरों में हड़कंप


“अब नहीं चलेगा टालमटोल”—जिलाधिकारी का सख्त अल्टीमेटम, मौके पर निस्तारण से अफसरों में हड़कंप

प्रयागराज। शनिवार को हण्डिया तहसील का नजारा किसी आम सरकारी कार्यक्रम जैसा नहीं, बल्कि जवाबदेही की खुली अदालत जैसा दिखा, जहां सीधे जिलाधिकारी मनीष वर्मा और पुलिस उपायुक्त गंगानगर ने मोर्चा संभालकर जनता की हर आवाज़ को सुना और उसी वक्त फैसले भी सुनाए। सुबह से ही तहसील परिसर फरियादियों की भीड़ से खचाखच भर गया। जमीन विवाद, पुलिस कार्रवाई, राजस्व गड़बड़ी—हर तरह की शिकायतें लेकर लोग पहुंचे, लेकिन इस बार फर्क साफ दिखा। फाइलों में दबने वाली समस्याएं सीधे टेबल पर आईं और कई मामलों में वहीं तत्काल निस्तारण कर दिया गया। डीएम मनीष वर्मा का तेवर पूरे कार्यक्रम में साफ नजर आया। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेताया—“जनता को चक्कर कटवाने की आदत अब बंद करो, हर शिकायत का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करो, वरना कार्रवाई तय है।” उनके इस कड़े रुख से मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों में हलचल मच गई। वहीं पुलिस उपायुक्त गंगानगर ने कानून- व्यवस्था से जुड़े मामलों में ढिलाई पर साफ नाराजगी जताई और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर पीड़ित को त्वरित न्याय मिले, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस तहसील दिवस ने एक नया संदेश दिया—अब प्रशासन सिर्फ सुनने नहीं, बल्कि मौके पर फैसला देने के मूड में है। फरियादियों के चेहरों पर संतोष और अधिकारियों के चेहरे पर जवाबदेही का दबाव साफ दिखाई दिया। हण्डिया की इस जनसुनवाई ने यह साबित कर दिया कि जब अफसर खुद मैदान में उतरते हैं, तो सिस्टम की रफ्तार अपने आप तेज हो जाती है—और जनता को मिलता है वही, जिसका उसे इंतजार रहता है—तुरंत न्याय, पक्की कार्रवाई और भरोसे की जीत।

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