एसडीएम, बीएसए, खंड शिक्षा अधिकारी और राजस्व टीम पर उठे सवाल, तीन दिन का अल्टीमेटम


बारा,प्रयागराज। तहसील मुख्यालय बारा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बारा खास में भवन निर्माण कार्य ठप होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सोमवार को ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी बारा, खंड विकास अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा खंड शिक्षा अधिकारी को संबोधित एक सामूहिक प्रार्थना पत्र देकर तत्काल विद्यालय भवन निर्माण शुरू कराने की मांग की। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर अतिक्रमण हटाकर निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं कराया गया तो तहसील मुख्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया गया कि गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय का पुराना भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है और विभाग द्वारा उसे निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है। विद्यालय में एक सौ तिरपन से अधिक बच्चे नामांकित हैं, जिन्हें मजबूरी में एक ही कक्ष में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। इससे न केवल पढ़ाई प्रभावित हो रही है बल्कि बच्चों की सुरक्षा को भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दो नए कक्षा कक्षों के निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी थी तथा विद्यालय भवन निर्माण के लिए भूमि भी राजस्व विभाग द्वारा चिन्हित कर दी गई थी। लेकिन आरोप है कि चिन्हित भूमि पर कुछ दबंग लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया और जैसे ही निर्माण के लिए नींव की खुदाई शुरू हुई, विवाद खड़ा कर काम रुकवा दिया गया। मामले की शिकायत पर राजस्व निरीक्षक और लेखपाल की टीम ने मौके पर जांच की, जिसमें स्पष्ट रिपोर्ट दी गई कि विद्यालय के लिए चिन्हित भूमि पर कोई स्थायी अतिक्रमण नहीं है और निर्माण कार्य कराया जा सकता है। इसके बावजूद नवंबर दो हजार पच्चीस से अब तक न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही निर्माण कार्य शुरू हो सका, जिससे विभागीय लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि चालू वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो स्वीकृत धनराशि वापस हो सकती है, जिसका सीधा नुकसान गांव के बच्चों को उठाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन, शिक्षा विभाग और राजस्व विभाग की आपसी उदासीनता के कारण बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी बारा, बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रयागराज, खंड शिक्षा अधिकारी तथा तहसील प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि तीन दिनों के भीतर विद्यालय की भूमि से अतिक्रमण हटाकर निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो सैकड़ों ग्रामीण तहसील मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन, धरना और घेराव करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। ग्रामीणों का कहना है कि अब वे आश्वासन नहीं, जमीन पर निर्माण कार्य देखना चाहते हैं, अन्यथा आंदोलन निश्चित है।

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