सिधौली (सीतापुर)। बहादुरपुर स्थित डॉ अंबेडकर पार्क में डॉ आंबेडकर संवैधानिक महासंघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सामाजिक न्याय, संविधान रक्षा और आगामी किसान आंदोलन को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष सिधौली गजोधर प्रसाद ने की, जबकि संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वंशराज भारती ने किया। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ सहित रघुनाथ प्रसाद, आरएस चौधरी, पच्चा लाल, सत्रोहन लाल, रामपाल, लक्ष्मी गौतम और हेमनाथ गौतम एडवोकेट सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अध्यक्षीय संबोधन में गजोधर प्रसाद ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल बैठकें करना नहीं बल्कि समाज में वास्तविक परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संविधान समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व की आधारशिला है और इसे मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे समाज के वंचित वर्गों को संगठित कर उन्हें अधिकारों के प्रति जागरूक करें और संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाएं।
संचालन करते हुए वंशराज भारती ने कहा कि संगठन की मजबूती अनुशासन, संवाद और सक्रिय जनसंपर्क से आती है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि बाबा साहब के विचारों को युवाओं तक पहुंचाया जाए और उन्हें संविधान के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जनसंपर्क अभियान चलाने और संगठन की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
मुख्य संबोधन में राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि बाबा साहब का मिशन सामाजिक न्याय की स्थापना है और यह तभी संभव है जब समाज का हर वर्ग अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग हो। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा केवल नेताओं का नहीं बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने 28 फरवरी 2026 को मास्टरबाग में प्रस्तावित युवा किसान पंचायत को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम किसानों, युवाओं और मजदूरों की आवाज को मजबूत मंच देगा। उन्होंने बताया कि 23 फरवरी को जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मैग्ना फैक्ट्री एवं रेडिको खेतान फैक्ट्री में क्षेत्रीय युवाओं को रोजगार देने तथा पूर्व कर्मचारियों के पुनः समायोजन की मांग उठाई जाएगी।
अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखते हुए संगठन को मजबूत बनाने और सामाजिक चेतना बढ़ाने पर जोर दिया। रघुनाथ प्रसाद ने कहा कि सामाजिक जागरूकता के बिना कोई आंदोलन सफल नहीं हो सकता। आरएस चौधरी ने युवाओं की बेरोजगारी को गंभीर समस्या बताते हुए स्थानीय उद्योगों में क्षेत्रीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग की। पच्चा लाल ने सामाजिक भेदभाव समाप्त करने के लिए निरंतर संघर्ष की आवश्यकता बताई, जबकि सत्रोहन लाल ने संविधान रक्षा को जनआंदोलन का रूप देने की बात कही। रामपाल ने किसानों और मजदूरों को देश की रीढ़ बताते हुए पंचायत में अधिक से अधिक भागीदारी की अपील की। लक्ष्मी गौतम ने महिलाओं और दलित वर्ग की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। हेमनाथ गौतम एडवोकेट ने कहा कि संविधान सभी को समान अधिकार देता है और यदि स्थानीय युवाओं के साथ अन्याय हुआ तो कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी।
बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर के मिशन को जन-जन तक पहुंचाने, संविधान की रक्षा और सामाजिक न्याय की लड़ाई को तेज करने का सामूहिक संकल्प लिया। साथ ही 28 फरवरी को मास्टरबाग में आयोजित युवा किसान पंचायत को सफल बनाने और 23 फरवरी को जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपने के निर्णय पर सर्वसम्मति जताई गई। संगठन पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि एकजुट प्रयासों से यह अभियान क्षेत्र में जनचेतना और अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा देगा।
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