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चौरसिया का जन्म 1 जुलाई, 1954 को ग्राम रसूलपुर वकिया ब्लॉक/तहसील हसनगंज, जनपद उन्नाव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। इनके पिताजी का नाम
चौरसिया का जन्म 1 जुलाई, 1954 को ग्राम रसूलपुर वकिया ब्लॉक/तहसील हसनगंज, जनपद उन्नाव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। इनके पिताजी का नाम रामभरोसे चौरसिया और माताजी का नाम फूलकुमारी था।चौरसिया ने प्रारंभिक शिक्षा अपने ग्राम रसूलपुर वकिया से प्राप्त करके इण्टर मीडिएट की शिक्षा मोहान, जनपद उन्नाव से प्राप्त किया। तत्पश्चात उच्च शिक्षा DAV कॉलेज लखनऊ से प्राप्त करके ऑटो ट्रैक्टर्स लि०, प्रतापगढ़ में आशुलिपिक पद पर सरकारी सेवा की शुरूआत की। उक्त सरकारी सेवा के दौरान मान्यवर काशीराम जी से प्रभावित होकर उन्होंने बामसेफ की सदस्यता ग्रहण कर ली। सरकारी सेवा करने के साथ-साथ बामसेफ में भी सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते रहे तथा नौकरी के साथ-साथ चौरसिया समाज को भी संगठित करने का कार्य किया। वर्ष 1993 के उ०प्र० विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी गठबंधन की सरकार सत्तारूढ़ होने पर उन्होंने मान्यवर काशीराम जी के निर्देशानुसार नौकरी से त्यागपत्र देकर बहुजन समाज पार्टी की भी सदस्यता ग्रहण कर ली और राजनीति में पूरी तरह सक्रिय हो गये तथा म०न० E1/94, सेक्टर एच, एलडीए कॉलोनी, कानपुर रोड, लखनऊ को अपना स्थायी निवास बनाया। चौरसिया ने चौरसिया समाज की राजनैतिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 1993 के विधानसभा चुनाव में विधान सभा क्षेत्र संडीला जनपद हरदोई से ओमप्रकाश चौरसिया को तथा विधानसभा क्षेत्र पट्टी जनपद प्रतापगढ़ से राजाराम चौरसिया को टिकट दिलाने में सफलता प्राप्त की। इसके पश्चात 1995 में उन्हें बहुजन समाज पार्टी जनपद लखनऊ का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्होंने चौरसिया समाज को संगठित करके राजनैतिक स्तर पर जागरूक करने के लिए वर्ष 1995 में चौरसिया राजनैतिक चेतना समिति का गठन किया। इस संगठन के माध्यम से उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों में जन चौपाल और जनसभाएं आयोजित करके चौरसिया समाज में राजनैतिक जागरूकता लाकर भागीदारी सुनिश्चित करने का कार्य किया। उल्लेखनीय है कि चौरसिया समाज में उनकी गहरी पैठ और जन सेवाओं से प्रभावित होकर तत्कालीन मुख्यमंत्री कु० मायावती ने उन्हें पार्टी फंड से एक जीप तथा सरकारी खर्च पर सुरक्षा हेतु गनर भी उपलब्ध कराए थे।
इस प्रकार वह आजीवन बहुजन समाज पार्टी में प्रभारी विधान सभा क्षेत्र सरोजनी नगर लखनऊ तथा जिलाध्यक्ष लखनऊ आदि पदों पर कार्य करते हुए चौरसिया समाज को संगठित करके राजनैतिक भागीदारी सुनिश्चित करने का कार्य करते रहे। वह एक कर्मठ, ईमानदार और निस्वार्थ जनसेवक थे। उन्होंने चौरसिया समाज के कई लोगों को बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता दिलाकर पार्टी में विभिन्न पदों पर कार्य करने का अवसर दिलाया। चन्द्रभाल चौरसिया को चौरसिया समाज के राजनैतिक गुरु की उपाधि दिया जाना अतिशयोक्ति नहीं होगी। इधर कुछ दिनों से अस्वस्थता के कारण उनका इलाज LDA कालोनी स्थित SKD अस्पताल में चल रहा था। अंत में उन्होंने 29 जनवरी, 2026 शाम 5 बजे को 71 वर्ष 6 माह की आयु पूर्ण करके SKD अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके परिवार में उनकी पत्नी रामश्री चौरसिया 3 विवाहित बड़ी बेटियां तथा सबसे छोटा एक बेटा है।
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