महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जनपद के प्रमुख मंदिरों में उमड़ी भारी श्रद्धालुओं की भीड़ को सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाए रखने में सिविल डिफेंस कोर की भूमिका अत्यंत


महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जनपद के प्रमुख मंदिरों में उमड़ी भारी श्रद्धालुओं की भीड़ को सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाए रखने में सिविल डिफेंस कोर की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। प्रशासन के अल्प नोटिस पर सिविल डिफेंस कोर के चीफ वार्डन एवं समाजसेवी अमृतलाल के नेतृत्व में पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाला।
त्योहार के दौरान शहर के मुख्य शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। संभावित भीड़ को देखते हुए सिविल डिफेंस के सदस्यों ने पुलिस बल के साथ मिलकर प्रवेश एवं निकास मार्गों का सुव्यवस्थित संचालन किया, कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित की तथा महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को प्राथमिकता देते हुए सुगम दर्शन में सहयोग प्रदान किया।
चीफ वार्डन अमृतलाल ने कहा कि सिविल डिफेंस कोर का मुख्य उद्देश्य आपदा एवं आपात स्थितियों में प्रशासन का सहयोग करना है। महाशिवरात्रि जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन एक महत्वपूर्ण दायित्व होता है, जिसे टीम ने पूर्ण निष्ठा और अनुशासन के साथ निभाया।
उन्होंने यह भी कहा कि अन्य जनपदों में भी प्रशासन को नागरिक सुरक्षा कोर के प्रशिक्षित सदस्यों एवं पदाधिकारियों का इसी प्रकार सकारात्मक और योजनाबद्ध उपयोग करना चाहिए। पीलीभीत सिविल डिफेंस के सभी सदस्य शासन एवं प्रशासन को सदैव पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने भी सिविल डिफेंस और पुलिस की संयुक्त कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर प्रबंधन के कारण दर्शन व्यवस्था शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रही।
इस कार्यक्रम मे मुख्य रूप से असलम, काजल, ज्योति, डॉ प्रेम सागर शर्मा, कविता वंशवाल, अनिल वंशवाल, मोहम्मद कामिल, सुखवीर सिँह भदौरिया, शिवम्, श्रीश सक्सेना, नीरज रस्तोगी, देवेश कुमार, गगन पाल आदि कार्यरत रहे।

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