लखनऊ, उत्तर प्रदेश। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज किसान कांग्रेस द्वारा आयोजित “किसान अधिकार – गांव संवाद अभियान” के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस का


लखनऊ, उत्तर प्रदेश। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज किसान कांग्रेस द्वारा आयोजित “किसान अधिकार – गांव संवाद अभियान” के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता का उद्देश्य प्रदेश भर में किसानों के मुद्दों को मजबूती से उठाना, सरकार की नीतियों से प्रभावित ग्रामीण समाज की आवाज़ को सामने लाना तथा आगामी जनसंवाद कार्यक्रमों की रूपरेखा सार्वजनिक करना था। कार्यक्रम में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति ने इसे विशेष महत्व प्रदान किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग के वाइस चेयरमैन मनीष हिन्दवी, किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला, किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बृज मौर्या, किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ सहित किसान कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता के दौरान नेताओं ने प्रदेश के किसानों की वर्तमान स्थिति, कृषि संकट, बढ़ती लागत, घटती आय और ग्रामीण बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश का किसान आज कई स्तरों पर संघर्ष कर रहा है। एक ओर खेती की लागत लगातार बढ़ रही है तो दूसरी ओर फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। खाद, बीज, डीज़ल और बिजली की कीमतों में लगातार वृद्धि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के दावे जमीनी स्तर पर खोखले साबित हुए हैं और वास्तविकता यह है कि किसान कर्ज, प्राकृतिक आपदाओं और बाज़ार की अनिश्चितताओं के बीच जूझ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और उनकी आवाज़ को हर मंच पर मजबूती से उठाएगी।
मीडिया विभाग के वाइस चेयरमैन मनीष हिन्दवी ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि किसान केवल एक वर्ग नहीं, बल्कि देश की आर्थिक रीढ़ है। यदि किसान मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में किसानों की समस्याएं केवल आर्थिक नहीं बल्कि सामाजिक भी हैं। खेती से होने वाली आय कम होने के कारण ग्रामीण युवाओं का खेती से मोहभंग हो रहा है और वे पलायन के लिए मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने मीडिया से अपील की कि किसानों के मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया जाए ताकि समाज का ध्यान वास्तविक समस्याओं की ओर आकर्षित हो सके।
किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला ने कहा कि “किसान अधिकार – गांव संवाद अभियान” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन की शुरुआत है। इस अभियान के माध्यम से प्रदेश के गांव-गांव में जाकर किसानों से सीधे संवाद किया जाएगा, उनकी समस्याओं को सुना जाएगा और उन्हें एक संगठित मंच प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान किसानों की आवाज़ को गांव से लेकर विधानसभा और संसद तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर किसान संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रदेश अध्यक्ष किसान कांग्रेस बृज मौर्या ने कहा कि उत्तर प्रदेश में किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी का अभाव है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी उपज को औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर है, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार को तत्काल प्रभाव से एमएसपी की कानूनी गारंटी लागू करनी चाहिए, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि सिंचाई, बिजली और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही किसानों के साथ अन्याय है।
इस अवसर पर किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ ने अपने संबोधन में कहा कि किसान अधिकार – गांव संवाद अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों और ग्रामीण समाज के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर किसान अनेक समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन उसकी आवाज़ अक्सर बड़े मंचों तक नहीं पहुंच पाती। इस अभियान के माध्यम से किसानों की वास्तविक समस्याओं को सामने लाया जाएगा और उनके समाधान के लिए संगठित संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसान, मजदूर और युवाओं को जोड़कर एक व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा, जो किसानों के अधिकारों की रक्षा करेगा।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने यह भी कहा कि किसान केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह देश की खाद्य सुरक्षा का आधार है। यदि किसान कमजोर होगा तो देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना दोनों प्रभावित होंगी। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस नीतिगत निर्णयों से संभव है। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों के कर्ज माफी, फसल बीमा की पारदर्शी व्यवस्था, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे मुद्दों पर तत्काल कदम उठाए जाएं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेताओं ने यह भी कहा कि किसान आंदोलन केवल आर्थिक मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक न्याय का प्रश्न भी है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की कमी ने किसानों और उनके परिवारों को कई स्तरों पर प्रभावित किया है। नेताओं ने कहा कि जब तक गांव मजबूत नहीं होंगे, तब तक देश का समग्र विकास संभव नहीं है। इसलिए किसान अधिकार – गांव संवाद अभियान के माध्यम से गांवों में जनजागरण चलाया जाएगा और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
नेताओं ने बताया कि इस अभियान के तहत गांव-गांव में चौपाल, जनसंवाद, किसान पंचायत और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में किसानों के साथ-साथ मजदूर, युवा, महिलाएं और बुद्धिजीवी वर्ग को भी जोड़ा जाएगा, ताकि एक समावेशी और व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक सरोकार से जुड़ा प्रयास है, जिसका उद्देश्य किसानों को सम्मान, सुरक्षा और अधिकार दिलाना है।
प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि वर्तमान समय में किसानों के सामने जलवायु परिवर्तन एक नई चुनौती बनकर उभरा है। अनियमित बारिश, सूखा और बेमौसम ओलावृष्टि जैसी घटनाओं ने खेती को जोखिम भरा बना दिया है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह किसानों के लिए मजबूत सुरक्षा तंत्र तैयार करे, जिसमें फसल बीमा, आपदा राहत और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देना शामिल हो। नेताओं ने कहा कि किसानों को तकनीकी सहायता और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए बिना कृषि क्षेत्र का विकास संभव नहीं है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि किसान की लड़ाई लंबी है, लेकिन यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी किसानों के अधिकारों के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी और किसानों की आवाज़ को दबने नहीं देगी। नेताओं ने प्रदेश भर के किसानों, युवाओं और आम नागरिकों से अपील की कि वे किसान अधिकार – गांव संवाद अभियान से जुड़ें और इस जनआंदोलन को मजबूत बनाएं।
अंत में किसान कांग्रेस के पदाधिकारियों ने कहा कि यह अभियान किसानों के सम्मान, अधिकार और भविष्य की रक्षा के लिए समर्पित है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता, विशेषकर किसान और युवा वर्ग, इस अभियान को व्यापक समर्थन देंगे और एक मजबूत जनआंदोलन खड़ा करेंगे। नेताओं ने यह संदेश भी दिया कि किसान की लड़ाई केवल खेत की नहीं, बल्कि देश के भविष्य की लड़ाई है, और इस लड़ाई को हर हाल में जारी रखा जाएगा।

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