डॉ भीमराव आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय औडेन्य पड़रिया मैनपुरी के राष्ट्रीय सेवा
योजना के चयनित स्वयंसेवक आज साइबर थाना मैनपुरी में एवं एवं महिला थाना मैनपुरी में भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा संचालित Student Police
बांदा 17 फरवरी 2026 (उत्तर प्रदेश)प्रदेश में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के मूल स्वरूप में
बांदा 17 फरवरी 2026 (उत्तर प्रदेश)प्रदेश में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के मूल स्वरूप में बदलाव के विरोध में प्रस्तावित लखनऊ विधानसभा घेराव से पहले ही बांदा में राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में होने वाले इस विशाल विरोध मार्च में शामिल होने के लिए जैसे ही जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जत्था लखनऊ के लिए रवाना हुआ, मेन रोड पर तैनात भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर काफिले को रोक दिया।सड़क पर फूटा आक्रोश — धरना और जोरदार नारेबाज़ी
अचानक हुई रोक के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में तेज़ आक्रोश उमड़ पड़ा।पुलिस व कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक शुरू हुई और देखते ही देखते सड़क ही वीर विरोध का मंच बन गई।गूंजने लगे नारे—“जब जब मोदी–योगी डरता है, पुलिस को आगे करता है”“मनरेगा का अधिकार लेकर रहेंगे”पूरा माहौल आंदोलनकारी ऊर्जा से भर उठा।जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित का आरोप — “मनरेगा से गांधीजी का नाम हटाना गरीब विरोधी कदम”धरने पर बैठे जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने मीडिया से कहा—“यूपीए-1 ने मनरेगा को गरीबों की जीवनरेखा बनाकर दिया था—100 दिन काम की गारंटी और काम न मिलने पर आर्थिक सहायता। गांधीजी का नाम हटाना और योजना को तोड़-मरोड़ देना सरकार की घृणित मानसिकता को दर्शाता है।”उन्होंने आगे कहा—
“3 जनवरी 2026 से कांग्रेस इसके मूल स्वरूप की बहाली के लिए संघर्षरत है। सरकार पुलिस के सहारे दमन कर रही है, पर कांग्रेस सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ेगी।”महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा खान का प्रहार — “योजना खत्म कर महिलाओं की आर्थिक रीढ़ तोड़ी गई”सीमा खान एडवोकेट ने तीखी प्रतिक्रिया दी—
“मनरेगा में 50% महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित थी। यह करोड़ों गरीब महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा थी। लेकिन अब राज्य सरकार पर 40% धनराशि का बोझ डालकर इसे खत्म करने की साजिश रची जा रही है। यह महिलाओं के अधिकारों का सीधा हनन है।”
उन्होंने साफ कहा कि महिला कांग्रेस इस नीति के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ेगी।
पुलिस कार्रवाई — नेताओं व कार्यकर्ताओं का हाउस अरेस्ट
धरना खत्म कराने के लिए पुलिस ने जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित सहित सभी प्रमुख पदाधिकारियों को पकड़–पकड़कर उनके घरों में नजरबंद (हाउस-अरेस्ट) कर दिया।इलाके में भारी पुलिस पहरा तैनात कर दिया गया, जिससे स्थानीय राजनीतिक उबाल और बढ़ गया।उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता पीसीसी आदिशक्ति दीक्षित, जिला महामंत्री/मीडिया प्रभारी सत्यप्रकाश द्विवेदी एडवोकेट, शोएब रिजवी, कंट्रोल रूम प्रभारी बी. लाल भाई, जिला वक्ता राजेश कुमार गुप्ता ‘पप्पू’, जिला सचिव बाबूराम यादव, कालीचरण साहू, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष संतोष कुमार द्विवेदी, रूपा देवी, सदात खान, सभासद इरफान खान, निहाल सिंह, ईशु फैज खान, लालबाबू, अतीक खान, शोएब अहमद, रामनरेश गुप्ता, चेतन राजपूत, विशाल रैकवार, सुनील कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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