आपको आवगत कराते चलें कि देश मे यूजीसी द्वारा लागू उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी विनियम] 2026 के पूर्ण समर्थन में तथा देश की उच्च शिक्षण संस्थाओं


आपको आवगत कराते चलें कि देश मे यूजीसी द्वारा लागू उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी विनियम] 2026 के पूर्ण समर्थन में तथा देश की उच्च शिक्षण संस्थाओं में छात्रों के साथ हो रहे भेदभाव, अत्याचार एवं आत्महत्या की घटनाओं के संदर्भ में - उक्त नियमों को किसी भी दशा में वापस न लिए जाने तथा देश के सभी IIT एवं IIM सहित प्रत्येक उच्च शिक्षण संस्थान में तत्काल लागू किए जाने के संबंध में भीम आर्मी भारत एकता मिशन विश्वजीत आजाद रावण मण्डल प्रभारी बरेली मण्डल बरेली बीसलपुर के बारह पत्थर चौराहे स्थिति अम्बेडकर पार्क मे समस्त बहुजन समाज के साथ Ugc के समर्थन मे राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन देने के लिया एक दिवसीय धरने पर बैठे रहे लेकिन एसडीएम बीसलपुर ज्ञापन लेने नहीं आए विश्वजीत रावण ने 4 बजे देश की महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन तहसील परिसर बीसलपुर मे जाकर एसडीएम.बीसलपुर को दिया
ज्ञापन मे बताया कि हम भारत के लोग भारतीय
संविधान, सामाजिक न्याय, समानता एवं मानवीय गरिमा में अटूट विश्वास रखने वाले नागरिक हैं तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा लागू किए गए (यूजीसी )द्वारा लागू उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी विनियम] 2026 का हम पूर्ण समर्थन करते हैं।तथा यह नियम संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 17, 21 एवं 46 में निहित समानता, गरिमा और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को धरातल पर लागू करने की दिशा में एक ऐतिहासिक, साहसिक और अत्यंत आवश्यक कदम है।
2.यह सर्वविदित है कि देश की उच्च शिक्षण संस्थाओं में पिछले कई वर्षों से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय,महिलाएं, दिव्यांग विद्यार्थी के साथ जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न, शैक्षणिक बहिष्कार और सामाजिक अपमान की निरंतर घटनाएं सामने आती रही हैं। यूजीसी द्वारा वर्ष 2012 में भेदभाव रोकने हेतु नियम बनाए गए, किंतु उनका प्रभावी पालन नहीं हो सका। परिणामस्वरूप 2019 से 2024 के बीच जाति-आधारित भेदभाव के मामलों में 118.4 की वृद्धि दर्ज की गई।
UGC रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में 1,160 से अधिक औपचारिक शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें दलित-आदिवासी छात्रों के साथ भेदभाव, सामाजिक-आर्थिक आधार पर हाशिए पर डालना और आत्मघाती प्रवृत्तियाँ शामिल हैं।
छात्र आत्महत्याएं: संस्थागत जातिवाद का प्रमाण देश आज भी उन दर्दनाक घटनाओं को नहीं भूल पाया है अतः रोहित वेमुला (हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी पायल तड़वी (TNMC, मुंबई) दर्शन सोलंकी (IIT बॉम्बे) ये आत्महत्याएं किसी एक व्यक्ति की कमजोरी नहीं, बल्कि संस्थागत जातिगत भेदभाव और प्रशासनिक असंवेदनशीलता का परिणाम हैं। ये घटनाएं यह प्रमाणित करती हैं कि आज भी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र सुरक्षित नहीं हैं।
IIT एवं IIM को नियमों से बाहर रखना गंभीर चिंता का विषय UGC के नए नियमों को देश के सभी कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में लागू किया जाना अत्यंत
आवश्यक है। परंतु यह अत्यंत चिंताजनक है कि देश के IIT एवं IIM UGC के प्रत्यक्ष नियंत्रण में नहीं आते, जबकि इन्हीं संस्थानों से भी भेदभाव और आत्महत्या की घटनाएं सामने आई हैं यदि इन संस्थानों में कोई छात्र उत्पीड़न का शिकार होता है, तो UGC के इन नियमों के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं हो पाती। यह स्थिति समानता के सिद्धांत का घोर उल्लंघन है। यह भी उल्लेखनीय है कि देश में 45 केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं परंतु इनमें से केवल 7 विश्वविद्यालयों में ही SC/ST/OBC वर्ग से उपकुलपति नियुक्त हैं इसके अतिरिक्त विभिन्न विश्वविद्यालयों में SC/ST/OBC के हजारों पदों का बैकलॉग वर्षों से खाली है, जिसे भरने में सरकार अब तक असफल रही है यह स्थिति शासन-प्रशासन की भेदभावपूर्ण मानसिकता को उजागर करती है तथा सवर्ण वर्गों एवं राजनीतिक शक्तियों द्वारा भ्रामक तथ्यों और गलत आंकड़ों के माध्यम से UGC के इन न्यायसंगत नियमों को वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। समस्त बहुजन समाज के साथ हम स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि यह न केवल असंवैधानिक है बल्कि सामाजिक न्याय के विरुद्ध एक साजिश भी है। इसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बहुजन समाज की प्रमुख मांगें :-
1.UGC के नए नियमों के तहत प्रत्येक कॉलेज एवं विश्वविद्यालय में तत्काल "समता समिति का गठन किया जाए।
2.छात्रों के साथ हो रहे भेदभाव की शिकायत हेतु UGC स्तर पर 24x7 राष्ट्रीय हेल्पलाइन प्रारंभ की जाए।
3.देश के सभी IIT एवं IIM में भी UGC के ये नियम तत्काल लागू किए जाएं।
4.देश के सभी 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में SC/ST/OBC की जनसंख्या के अनुपात में उपकुलपति नियुक्त किए जाएं।
5.विश्वविद्यालयों में वर्षों से लंबित SC/ST/OBC बैकलॉग पदों को तत्काल भरा जाए।
6.UGC द्वारा लागू "Promotion of Equity in Higher Education Institutions
Regulations, 2026" किसी भी स्थिति में वापस न लिए जाएं।
यदि उपरोक्त मांगों की अनदेखी की जाती है अथवा यदि UGC के नए नियमों को किसी भी दबाव में वापस लिया जाता है, तो भीम आर्मी भारत एकता मिशन व SC/ST/OBC/अल्पसंख्यक, महिलाओं एवं दिव्यांग समाज के साथ पूरा बहुजन समाज मिलकर देशव्यापी आंदोलन एवं चक्का जाम करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी
संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी ।

धरने मे उपस्थित रहे मंडल प्रभारी आजाद विश्वजीत रावण भीम आर्मी भारत एकता मिशन, विपिन कुमार गौतम एड. मंडल प्रभारी भीम आर्मी जय भीम, डोरी लाल गौतम (मास्टर साहब)बैजन्ती देवी डिग्री कॉलेज, शिव शंकर आज़ाद जिला अध्यक्ष भीम आर्मी भारत एकता मिशन पीलीभीत, गिरजा शंकर उर्फ अजय आजाद 130 विधानसभा अध्यक्ष बीसलपुर भीम आर्मी पीलीभीत, राहुल आजाद प्रतिनिधि मंडल प्रभारी विश्वजीत आजाद, मनोज कुशवाहा एड. जिला अध्यक्ष जनधिकारी  पार्टी,सागर गौतम खनका उच्चसिया,सुभाष गंगवार,हरिओम गंगवार, मुकेश गौतम, राजाराम माथुर एड., अनमोल कुमार , चन्द्र शेखर एड., सुमित जाटव जिला मंत्री एवं समस्त बहुजन समाज सहित करीब 200 लोगउपस्तिथि रहे

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