फतेहपुर ब्यूरो:पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या का मूल कारण जमीन की बिक्री से जुड़ा लालच था। जयराज मान सिंह अपनी जमीन बेचने की प्रक्रिया में थे, लेकिन मिल रही कीमत से संतुष्ट नहीं थे। आरोपी को उम्मीद थी कि उनकी मौत के बाद परिवार से औने-पौने दाम में जमीन खरीद/बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जा सकत


फतेहपुर में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बड़े जमींदार जयराज मान सिंह की निर्मम हत्या का सनसनीखेज खुलासा

 पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस और जांच के घटना का विवरण- 21 जनवरी 2026 को शाम के समय फतेहपुर जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र में महर्षि कॉलोनी के पास एक सनसनीखेज हत्याकांड हुआ। जिसमें जयराज मान सिंह उम्र लगभग 68 वर्ष का शव उनके ही सरसों के खेत में खून से लथपथ पड़ा मिला। उनकी गर्दन धारदार हथियार से गला रेतकर काट दिया गया था। यह वारदात दिनदहाड़े हुई, जिससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया। जयराज मान सिंह फतेहपुर के प्रसिद्ध जमींदार परिवार से थे। उनके पास सैकड़ों बीघा जमीन थी। वे वरिष्ठ अधिवक्ता भी थे और प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव/वरिष्ठ अधिकारी के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। उनकी हत्या के बाद अधिवक्ता समुदाय में भारी आक्रोश फैला – कचहरी परिसर और सड़कों पर प्रदर्शन हुए, रोड जाम किया गया।

हत्या का मुख्य कारण- पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या का मूल कारण जमीन की बिक्री से जुड़ा लालच था। जयराज मान सिंह अपनी जमीन बेचने की प्रक्रिया में थे, लेकिन मिल रही कीमत से संतुष्ट नहीं थे। आरोपी को उम्मीद थी कि उनकी मौत के बाद परिवार से औने-पौने दाम में जमीन खरीद/बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जा सकता है।

आरोपी कौन? – चौंकाने वाला खुलासा

एसपी फतेहपुर एसपी के निर्देशन में गठित विशेष टीम (इंटेलिजेंस, एसओजी, सर्विलांस, कोतवाली आदि) ने मात्र 48 घंटे के भीतर मामले का पर्दाफाश कर दिया।

  मुख्य आरोपी: अंकित मिश्रा – जो जयराज मान सिंह का विश्वासपात्र मैनेजर/मुंशी था।  

अंकित ने पुलिस के सामने कबूल किया कि उसने ही वारदात को अंजाम दिया।  

घटना के बाद वह घर लौटा, चाकू और हाथ धोए।  

दिलचस्प बात – अंकित मिश्रा यूपी पुलिस में नौकरी की तैयारी कर रहा था।  

घटना कारित करने का उद्देश्य- अंकित कुमार मिश्रा करीब 08-09 वर्ष पूर्व मृतक श्री जयराज मान सिंह केसंपर्क में आया। समय के साथ धारे-धीरे मृतक का विश्वास पात्र बन गया और उनके काम काज में सहयोग करने लगा। मृतक के पास महर्षि स्कूल के सामने काफी प्रॉपर्टी थी जिसमे खेत व बाग शामिल है, जिसे मृतक बेचना चाहते थे जिसका जिक्र मृतक ने अंकित से भी किया था. अंकित भी पिछले काफी समय से खरीददारों की तलाश में सहयोगी की भूमिका में था, किन्तु भूमि के मूल्य को लेकर काफी समय से जमीन की बिक्री का सौदा तय नहीं हो पा रहा था। अंकित ने पूछताछ के दौरान यह भी बताया कि मृतक से जुड़ने तथा यह सौदा कराने के लिए उसका अपना यह हित था कि सौदा होनें पर उसे भी आर्थिक लाभ होगा। अंकित का मानना था कि मृतक अपने जीवित रहते जिस कीमत पर जमीन का सौदा करना चाहते थे उसमें काफी समय लगेगा। पैसों की जरूरत पड़ने पर अंकित ने समय-समय पर पिछले 08-09 वर्ष में कई मौको पर थोड़ा-थोड़ा करके मृतक से लगभग 12 से 15 लाख रुपये लिए थे।

अंकित ने अपनी बढ़ती महत्वकांक्षा, लालच एवं जल्द अमीर बनने की इच्छा से यह तय किया कि वह मृतक को रास्ते से हटा देगा तो मृतक के शेष परिजनों का विश्वास पात्र बन कर तथा उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर जल्द ही अच्छा कमीशन लेकर जमीन को बिकवा देगा और बड़ा आर्थिक लाभ अर्जित करेगा।

गिरफ्तार अभियुक्त का नाम पताः-

1. अंकित मिश्रा पुत्र सुभाष मिश्रा निवासी ताम्बेवर नगर थाना कोतवाली जनपद फतेहपुर स्थायी पता ग्राम सातों जोगा थाना असोथर जनपद फतेहपुर

बरामदगी का विवरणः

1. अभियुक्त के रक्त रंजित कपड़े

2. घटना में प्रयुक्त चाकू

3. वैगन-आर कार

4. अभियुक्त की मोटर साईकिल

5. अभियुक्त का मोबाईल फोन

रिपोर्ट:लव सिंह यादव,ब्यूरो चीफ़, फतेहपुर, अब तक न्याय 

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