फतेहपुर में मात्र 4 दिनों में सुलझा किसान हत्या का मामला तीन आरोपियों की गिरफ्तारी
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक चौंकाने वाली घटना मात्र चार दिनों में सुलझ गई। 14 जनवरी 2026 की रात को असोथर थाना क्षेत्र के टीकर गांव के 50 वर्षीय किसान सुमेर सिंह की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। आज पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक सुमेर सिंह रोजाना की तरह खेत में ट्यूबवेल पर सोने गए थे। सुबह जब वे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने खोजबीन की और अरहर के खेत में उनका खून से लथपथ शव मिला। गर्दन पर धारदार हथियार से गहरा वार किया गया था। शव को करीब 50-100 मीटर तक घसीटा गया था। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और एसपी फतेहपुर के निर्देशन में सर्विलांस टीम व असोथर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने काम किया।आज पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन अभियुक्तों को दबोच लिया। इनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार (आलाकत्ल) भी बरामद कर लिया गया है।
इस जघन्य हत्याकांड में मृतक की पत्नी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।पूरे प्रकरण का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक फतेहपुर ने बताया कि यह हत्या प्रेम‑संबंध और साथ रहने की जिद के चलते रची गई साजिश का परिणाम थी।
पुलिस के अनुसार,आज दिनांक 18 जनवरी 2026को थाना असोथर पुलिस टीम एवं जनपद फतेहपुर की सर्विलांस टीम ने मु0अ0सं0‑06/2026,धारा 103(1),61(2),3(5) BNS के अंतर्गत मालती देवी उर्फ बुद्धी (35),रेनू देवी पत्नी स्व. सुमेर सिंह(35)और राजू सोनकर(45)को गिरफ्तार किया है।पूछताछ के दौरान तीनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।
पूछताछ में सामने आई साजिश की पूरी कहानी
पुलिस पूछताछ में अभियुक्ता मालती देवी ने बताया कि उसका मृतक की पत्नी रेनू देवी से करीब डेढ़ वर्ष से प्रेम‑संबंध था।दोनों साथ रहना चाहती थीं,लेकिन मृतक सुमेर सिंह को इस रिश्ते की जानकारी हो गई थी और उसने सख्ती से मालती को घर आने से मना कर दिया था।इसी रोक‑टोक के चलते दोनों महिलाओं ने सुमेर सिंह को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
संपर्क बनाए रखने के लिए मालती ने रेनू को एक कीपैड मोबाइल फोन दिया,जिससे वह केवल उसी से बात करती थी।इसके बाद मालती ने अपने पुराने परिचित जितेन्द्र गुप्ता उर्फ जिद्दी से संपर्क कर हत्या की सुपारी दी।60 हजार रुपये में हत्या तय हुई,जिसमें से 8 हजार रुपये एडवांस दिए गए।घटना वाले दिन जितेन्द्र ने अपने साथियों राजू सोनकर और रामप्रकाश उर्फ महू के साथ मिलकर रस्सी से गला दबाकर और चाकू से गला काटकर सुमेर सिंह की हत्या कर दी थी।
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लाल रंग की रस्सी,खून लगे कपड़े और दो कीपैड मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
फरार आरोपियों जितेन्द्र गुप्ता उर्फ जिद्दी और रामप्रकाश उर्फ महू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रिपोर्ट:लव सिंह यादव, ब्यूरो चीफ़, फतेहपुर,अब तक न्याय
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