कई जगह वाहन टकराए, शून्य दृश्यता के कारण। जान-माल की क्षति होने से, मौसम अधिक रुलाया है।


कई जगह वाहन टकराए, शून्य दृश्यता के कारण। 
जान-माल की क्षति होने से, मौसम अधिक रुलाया है।

कृषक खेत में पानी देते, जगकर ठंडी रातों में।
ठिठुर रहे सर्दी में निर्धन, संकट अति गहराया है।

शीत लहर से पारा लुढ़का, अस्त-व्यस्त है, जनजीवन 
कई जगह दिन में लगता है, मानो हिम युग आया है।

चलें नहीं वाहन सड़कों पर, दृश्य भयावह रातों में।
रेलों की गति मंद पड़ गई, यही प्रकृति को भाया है।

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