शिक्षा के प्रति किया गया जागरूक


कड़ाके की ठंड के बीच सामाजिक सरोकार और संवेदनशील नेतृत्व की एक प्रेरक मिसाल उस समय देखने को मिली, जब सिहारुखेड़ा गांव के बाहर रोड पर गरीब चरवाहों के बच्चों तथा रजनापुर, जिज्ञनिया और लोनियापुरवा गांवों के गरीब व मजदूर परिवारों के बच्चों को निःशुल्क टोपी वितरित की गई। यह कार्यक्रम आपके नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें ठंड से राहत के साथ-साथ बच्चों और अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति भी जागरूक किया गया।

टोपी वितरण के दौरान बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय जाने, घर पर समय निकालकर पढ़ाई करने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा गया कि भले ही वे परिस्थितिवश स्वयं अशिक्षित रह गए हों, लेकिन खेती-बाड़ी और घरेलू कामों के बीच भी अपने बच्चों—चाहे बेटा हो या बेटी—को नियमित रूप से अच्छे से तैयार कर स्कूल अवश्य भेजें। यही बच्चे आगे चलकर परिवार और समाज का नाम रोशन करेंगे।

इस नेक और मानवीय पहल में डॉ. अशोक वर्मा, शिक्षक साथी अनिरुद्ध वर्मा, आलोक वर्मा आज़ाद (अध्यापक), रोहित वर्मा (रामहर्ष किराना स्टोर, महमूदाबाद) तथा राम सिंह चौधरी (अध्यक्ष, डॉ. भीमराव अंबेडकर समिति, शमशाबाद) की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने एक स्वर में कहा कि शिक्षा ही सामाजिक बदलाव और उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।

भीषण ठंड में टोपी पहनकर मुस्कुराते नन्हे-मुन्ने बच्चों के चेहरे देखकर उपस्थित सभी लोग भावविभोर हो उठे। वहीं बच्चों के अभिभावकों और बुजुर्गों से मिली दुआओं को आयोजकों ने अपने जीवन की अनमोल निधि बताया।

यह कार्यक्रम न सिर्फ ठंड से राहत का माध्यम बना, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गया कि मानव सेवा सर्वोपरि है, और पढ़े-लिखे बच्चे ही उन्नत समाज और सशक्त भारत की पहचान हैं।
(यह पहल क्षेत्र में सामाजिक चेतना और शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है।)

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